
सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार के मामले में रीवा लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त पुलिस ने जिला शिक्षा अधिकारी सहित कई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शिक्षा विभाग में विभिन्न मदों के तहत की गई खरीदी में भारी अनियमितताएं की गई हैं। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के घोटाले के संकेत मिलने के बाद लोकायुक्त ने मामला दर्ज किया। जांच में सामने आया कि जिले के 558 स्कूलों में स्वच्छता और कीटाणुशोधन सामग्री की खरीदी पर लगभग 97 लाख 67 हजार रुपये खर्च किए गए। वहीं 19 विद्यालयों में वर्चुअल रियलिटी लैब के लिए करीब 4 करोड़ 68 लाख 16 हजार रुपये और 61 विद्यालयों में विद्युत व्यवस्था एवं मरम्मत कार्यों पर करीब 3 करोड़ 5 लाख रुपये खर्च किए गए। इन सभी खर्चों में नियमों के पालन, निविदा प्रक्रिया और भुगतान को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। लोकायुक्त पुलिस ने जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी सूर्यभान सिंह, सहायक संचालक शिक्षा राजधर साकेत, जिला परियोजना समन्वयक रामलखन शुक्ल, सहायक परियोजना समन्वयक (वित्त) छविलाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। 15 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त टीम ने संबंधित कार्यालय पहुंचकर टेंडर प्रक्रिया, स्वीकृति आदेश, सप्लाई रिकॉर्ड, बिल और भुगतान से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं और अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।




