
मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजीत पवार ने भारत की अर्थव्यवस्था के 4 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़े को पार करने और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने पर इसे “हर भारतीय के लिए गर्व और प्रसन्नता का क्षण” बताया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व और केंद्र सरकार की सतत नीति-निर्माण प्रक्रिया को दिया। पवार ने कहा- यह ऐतिहासिक मील का पत्थर प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। मैं उन्हें इस असाधारण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता हूं। महाराष्ट्र ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में अपना संपूर्ण योगदान देने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। नीति आयोग के सीईओ बी.वी.आर.सुब्रह्मण्यम द्वारा हाल ही में दी गई जानकारी के अनुसार, भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए अमेरिका, चीन और जर्मनी के बाद दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा प्राप्त किया है।
‘यह केवल संख्याएं नहीं, नेतृत्व और कार्यान्वयन का प्रमाण’
अजीत पवार ने इस मौके पर कहा, “यह केवल आर्थिक आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि यह मजबूत नीति, दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी कार्यान्वयन की सफलता है।” उन्होंने आशा जताई कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल, नीति आयोग के मार्गदर्शन और भारत की युवा जनसंख्या की ऊर्जा से देश अगले 2.5 से 3 वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
महाराष्ट्र का ‘विजन 2047’ और $1 ट्रिलियन लक्ष्य
पवार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सभी राज्यों से दीर्घकालिक विकास दृष्टिकोण दस्तावेज तैयार करने का आह्वान किया गया था, जिसके जवाब में महाराष्ट्र ने ‘महाराष्ट्र 2047’ विजन को तीन चरणों में तैयार किया है:
100-दिवसीय सुशासन योजना
2029 के लिए मध्यम अवधि की योजना
2035 व 2047 के लिए दीर्घकालिक विकास दृष्टि
उन्होंने बताया कि अब तक विभिन्न विभागों द्वारा 700 से अधिक लक्ष्य पूरे किए जा चुके हैं और अब एक नई 150-दिवसीय कार्य योजना पर काम किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य है 2030 तक महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना।
आर्थिक प्रगति में नागरिकों और उद्योगों की भूमिका
उपमुख्यमंत्री ने अंत में भारत की आर्थिक उपलब्धियों का श्रेय देश के नागरिकों की मेहनत, औद्योगिक क्षेत्र के योगदान और केंद्र सरकार की परिणामोन्मुखी नीतियों को दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि महाराष्ट्र आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएगा।




