
गढ़चिरौली। महाराष्ट्र की विधानसभा में एक शर्मनाक दृश्य सामने आया जब कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे को सत्र के दौरान ऑनलाइन रमी गेम खेलते हुए कैमरे में कैद किया गया। यह घटना केवल मंत्री की व्यक्तिगत गैर-जिम्मेदारी नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे जन प्रतिनिधित्व की गरिमा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के अपमान के रूप में देखा जा रहा है। इस मामले ने न केवल विपक्ष बल्कि पूरे राज्य में आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) ने इसे “राज्य की प्रतिष्ठा पर कलंक” करार देते हुए कोकाटे से तत्काल इस्तीफ़े की माँग की है। पार्टी के गढ़चिरौली जिला अध्यक्ष अतुल गण्यारपवार के नेतृत्व में एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा गया, जिसमें मंत्री को ‘असंवेदनशील, घमंडी और किसानों के प्रति अपमानजनक रवैया अपनाने वाला’ बताया गया है। ज्ञापन में कोकाटे के पूर्व बयानों और विवादित कार्यशैली की याद दिलाते हुए कहा गया कि उन्होंने ऋणमाफी, पंचनामा आदेश, और किसानों के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर पहले ही बार-बार जनभावनाओं को आहत किया है। अब सदन की कार्यवाही के दौरान ऑनलाइन जुआ खेलने की घटना ने कृषि मंत्री के दायित्वबोध की गंभीर कमी को उजागर कर दिया है। पार्टी के अनुसार, यह आचरण केवल राजनीतिक लापरवाही नहीं बल्कि नैतिक दिवालियापन है। एनसीपी (एसपी) ने कहा, “यह घटना केवल मंत्री की छवि नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को भी धूमिल करती है।जैसे-जैसे मंत्री का वीडियो सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर वायरल हो रहा है, जनता का गुस्सा और विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। एनसीपी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मुद्दे को यहीं खत्म नहीं होने देंगे और सदन में इस पर पूरी ताक़त से आवाज़ उठाई जाएगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब राज्य सरकार पहले से ही किसानों की समस्याओं, सूखा, और कर्ज़माफी की धीमी प्रक्रिया को लेकर घिरी हुई है। ऐसे में कृषि मंत्री का यह ‘निंदनीय आचरण’ विपक्ष को एक नया राजनीतिक हथियार दे गया है और सरकार को सदन और सड़क दोनों पर जवाब देना पड़ सकता है।




