
मुंबई। राज्य संरक्षित स्मारक घोषित महिम किले के संरक्षण, संवर्धन और पुनरुद्धार कार्यों के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और सीमा शुल्क विभाग के बीच गुरुवार को बीएमसी मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का उद्देश्य मुंबई की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करना और उसे नई पहचान देना है। इस अवसर पर बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी, सीमा शुल्क विभाग के प्रधान आयुक्त अजय कुमार पांडे, अतिरिक्त आयुक्त नितिन तगाड़े, विक्रम फडके, बीएमसी के उप आयुक्त प्रशांत गायकवाड़, प्रशांत सपकाले, सहायक आयुक्त योगेश देसाई, विरासत संरक्षण सलाहकार विकास दिलावरी तथा वीरमाता जीजाबाई प्रौद्योगिकी संस्थान (वीजेटीआई) के संरचनात्मक अभियांत्रिकी विभाग प्रमुख डॉ. के. के. सांगले सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। समझौते के तहत महिम किले की जर्जर संरचनाओं को मजबूत कर उनका पुनर्निर्माण किया जाएगा। किले परिसर में स्थित ऐतिहासिक कुएं की खोज और उत्खनन किया जाएगा। इसके अलावा किले के अंदरूनी क्षेत्र में पैदल चलने के लिए विशेष मार्ग विकसित किया जाएगा, ताकि पर्यटक और नागरिक इस ऐतिहासिक धरोहर का बेहतर अनुभव ले सकें। किले की नींव को समुद्री क्षरण और अन्य संभावित खतरों से सुरक्षित रखने के लिए एक संरक्षक तटबंध (प्रोटेक्टिव रिटेनिंग वॉल) भी बनाया जाएगा। इस संपूर्ण पुनरुद्धार परियोजना के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद महिम किले को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से नई पहचान मिलने की उम्मीद है, जिससे मुंबई की समृद्ध विरासत को संरक्षित करने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।



