
झाँसी, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित प्रवक्ता (PGT) लिखित परीक्षा-2022 के पहले दिन जनपद के छह परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन ने परीक्षा की सुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक निरीक्षण किया। अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल एवं पुलिस अधीक्षक नगर श्रीमती प्रीति सिंह ने आयोग के प्रेक्षक डॉ. अखिलेश मिश्रा के साथ विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दो दिवसीय परीक्षा 9 एवं 10 मई 2026 को दो पालियों में आयोजित की जा रही है। प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक संपन्न हो रही है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों के प्रधानाचार्य कक्ष में बनाए गए कंट्रोल रूम का अवलोकन किया तथा सीसीटीवी कैमरों और वॉइस रिकॉर्डर की कार्यप्रणाली की जांच की। अधिकारियों ने लाइव फुटेज और रिकॉर्डिंग की गुणवत्ता भी परखी। साथ ही विद्युत व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, रैम्प और सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया। अपर जिलाधिकारी एवं परीक्षा नोडल अधिकारी शिव प्रताप शुक्ल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी स्थिति में नकल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कक्ष निरीक्षकों को निर्देशित किया कि परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्रों और पहचान की सावधानीपूर्वक जांच की जाए, ताकि कोई डुप्लीकेट परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल न हो सके। महिला परीक्षार्थियों की तलाशी केवल महिला शिक्षिकाओं द्वारा ही लिए जाने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान सूरज प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज तथा राजकीय इंटर कॉलेज सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परीक्षा नोडल अधिकारी शिव प्रताप शुक्ल ने बताया कि प्रथम पाली में कुल 2117 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 815 उपस्थित रहे जबकि 1302 अनुपस्थित पाए गए। वहीं द्वितीय पाली में 1875 अभ्यर्थियों का पंजीकरण था, जिनमें 684 उपस्थित और 1191 अनुपस्थित रहे। प्रथम दिवस की दोनों पालियों में परीक्षा शांतिपूर्ण एवं निर्विघ्न संपन्न होने पर अपर जिलाधिकारी ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। इस दौरान डीआईओएस श्रीमती रती वर्मा सहित शिक्षा विभाग, प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करते रहे।




