आरटीई में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को नोटिस

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने वसई स्थित यश विद्यानिकेतन ग्लोबल स्कूल द्वारा शासन की अनुमति लिए बिना स्कूल का स्थानांतरण किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। सोमवार को राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने विधानसभा में बताया कि इस मामले में संबंधित शैक्षणिक संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत बिना क्षेत्रीय निरीक्षण किए स्कूल का पंजीकरण करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विधानसभा में विधायक राजन नाईक ने यश विद्यानिकेतन ग्लोबल स्कूल में आरटीई के तहत प्रवेश से जुड़े मुद्दे को उठाया था। इस पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने यह जानकारी दी। चर्चा के दौरान विधायक प्रशांत बंब और प्रवीण दटके ने भी उप-प्रश्न पूछे।
बिना अनुमति स्कूल स्थानांतरित करने पर होगी कार्रवाई
मंत्री भुसे ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि संबंधित स्कूल ने शासन से पूर्व अनुमति लिए बिना अपना स्थान बदल लिया। यह नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसलिए संबंधित संस्था के विरुद्ध शिक्षा विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जांच में यह भी पाया गया कि यश विद्यानिकेतन ग्लोबल स्कूल तथा आसपास के क्षेत्र का वास्तविक निरीक्षण किए बिना ही स्कूल का पंजीकरण कर दिया गया था। इस मामले में वसई पंचायत समिति के समूह शिक्षा अधिकारी, संबंधित विस्तार अधिकारी (शिक्षा) तथा संबंधित केंद्र प्रमुख को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आरटीई के तहत बच्चों को मिलेगा प्रवेश
दादाजी भुसे ने आश्वासन दिया कि वसई क्षेत्र के जिन बच्चों का आरटीई के 25 प्रतिशत आरक्षित कोटे के अंतर्गत चयन हुआ है, उन्हें न्याय मिलेगा। जिन अभिभावकों ने ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान जिन दस स्कूलों का चयन किया था, उनमें उपलब्ध रिक्त सीटों पर बच्चों को प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आरटीई के तहत पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करने और नियमों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं एवं अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।



