
इंद्र यादव/ पणजी। गोवा के तट पर हुए एक भीषण समुद्री हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पर्यटकों से भरी एक नाव समुद्र में पलट गई, जिसमें अब तक 23 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 64 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव दलों ने अब तक 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है और लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पर्यटकों को लेकर समुद्री सैर पर निकली नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई लोग समुद्र की लहरों में बह गए। घटना के तुरंत बाद तटरक्षक बल, आपदा प्रबंधन दल, नौसेना और स्थानीय बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं तथा बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। बचाव दलों द्वारा अब तक 40 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों का उपचार जारी है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। दूसरी ओर, 64 लापता लोगों की तलाश के लिए समुद्र में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। खराब मौसम, ऊंची लहरें और कम दृश्यता के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रारंभिक जांच में नाव के क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, ओवरलोडिंग, पर्याप्त लाइफ जैकेटों की कमी और सुरक्षा नियमों के पालन में लापरवाही इस हादसे के प्रमुख कारण हो सकते हैं। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद गोवा प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की है। मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है तथा दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। यह हादसा एक बार फिर पर्यटन और जल परिवहन से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सबकी निगाहें बचाव अभियान और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस त्रासदी के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और जिम्मेदार कौन है।

