
मुंबई। बीड, नांदेड और छत्रपति संभाजीनगर के बाद अब रायगढ़ जिले को भी उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पहल का बड़ा लाभ मिला है। टाटा टेक्नोलॉजी और राज्य सरकार के सहयोग से रायगढ़ जिले के रोहा एमआईडीसी क्षेत्र में 105 करोड़ रुपये की लागत से ‘आविष्कार, नवाचार, ऊष्मायन और प्रशिक्षण केंद्र’ (CIIIT या ‘सीट्रिपलआईटी’) की स्थापना को हरी झंडी मिल गई है। इस परियोजना के लिए टाटा टेक्नोलॉजी ने उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को केंद्रीय मंजूरी का पत्र भेजा है। यह अत्याधुनिक केंद्र युवाओं को ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) सहित नवीनतम तकनीकों पर आधारित रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण प्रदान करेगा। कुल परियोजना लागत में से 89 करोड़ रुपये टाटा कंपनी वहन करेगी, जबकि शेष 16 करोड़ रुपये राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा दिए जाएंगे। राज्य की महिला और बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे और सांसद सुनील तटकरे ने अजीत पवार की सक्रिय भूमिका और अनवरत प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री द्वारा लिखे गए पत्र के बाद बीते चार महीनों में यह चौथा ‘सीट्रिपलआईटी’ केंद्र है जिसे मंजूरी मिली है। इससे पहले बीड, नांदेड और छत्रपति संभाजीनगर में ऐसे ही केंद्रों को मंजूरी दी जा चुकी है। ‘सीट्रिपलआईटी’ केंद्र के माध्यम से हर वर्ष लगभग 3,000 युवाओं को प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है। शुरूआती तीन वर्षों तक प्रशिक्षण की पूरी लागत टाटा टेक्नोलॉजी वहन करेगी, जिसके बाद लागत का आधा हिस्सा जिला प्रशासन और आधा टाटा कंपनी साझा करेगी। यह केंद्र न केवल रायगढ़ बल्कि पूरे कोंकण क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा, स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, स्थानीय उद्योगों को प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे जिले में उद्योग-अनुकूल वातावरण विकसित होगा।
रायगढ़ जिले में इस परियोजना को लेकर स्थानीय नागरिकों में उत्साह है और अजीत पवार की निर्णायक व विकासोन्मुखी कार्यशैली की व्यापक सराहना हो रही है। उन्होंने यह एक बार फिर साबित किया है कि “मैं जो कहता हूं, वह करता हूं।”




