
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक कार्य संचालनालय की ओर से साहित्य और रंगमंच के अनूठे संगम ‘खिड़की: एक मनामनातलं अभिवाचन’ का आयोजन 23 जुलाई 2026, गुरुवार को शाम 7:30 बजे प्रभादेवी स्थित रवींद्र नाट्य मंदिर के मिनी थिएटर में किया जाएगा। गुरु प्रॉडक्शन्स और आरती आर्ट अकादमी द्वारा निर्मित इस कार्यक्रम का 56वां प्रयोग दर्शकों के लिए निःशुल्क रहेगा। प्रसिद्ध लेखक, निर्देशक और अभिनेता प्रदीप कबरे द्वारा लिखित एवं अभिनीत ‘खिड़की’ जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देने वाला साहित्यिक प्रस्तुतीकरण है। इसमें दैनिक जीवन के अनुभवों, मानवीय रिश्तों, सामाजिक यथार्थ और भावनात्मक पहलुओं को प्रभावशाली अभिवाचन के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। बस, रेल, कार, रिक्शा, घर और कार्यालय जैसी विभिन्न ‘खिड़कियों’ से दिखाई देने वाले जीवन के विविध रंगों और उनसे जुड़ी संवेदनाओं को प्रदीप कबरे अपनी विशिष्ट शैली में जीवंत करते हैं। इस साहित्यिक कृति की प्रस्तावना वरिष्ठ नाटककार गंगाराम गव्हाणकर ने लिखी है। वहीं शं. ना. नवरे, अरुण नलावडे, स्मिता जयकर, ऐश्वर्या नारकर, संभाजी सावंत, डॉ. अनिल बांदिवडेकर, अभिराम भडकमकर और नितीन तेंडुलकर सहित अनेक साहित्यकारों और रंगकर्मियों ने इस प्रस्तुति की सराहना की है। कार्यक्रम में हास्य, करुणा, संवेदना, आत्ममंथन और जीवन के विभिन्न भावों का प्रभावशाली चित्रण देखने को मिलेगा। साहित्यिक विषयवस्तु, नाटकीय प्रस्तुति और सशक्त अभिवाचन इसे सभी आयु वर्ग के दर्शकों के लिए यादगार अनुभव बनाएगा। यह कार्यक्रम सांस्कृतिक कार्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकास मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार की संकल्पना तथा सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। सांस्कृतिक कार्य संचालनालय के निदेशक श्रीराम पांडे ने साहित्य और रंगमंच प्रेमियों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस विशेष कार्यक्रम का आनंद लेने की अपील की है।

