Sunday, May 17, 2026
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों पुणे में छत्रपति संभाजी महाराज की भव्य प्रतिमा का किया गया अनावरण

पुणे। पुणे महानगरपालिका की ओर से शिवाजीनगर स्थित छत्रपति संभाजी महाराज उद्यान में स्थापित ‘बुधभूषण’ ग्रंथ के रचनाकार छत्रपति संभाजी महाराज की पूर्णाकृति प्रतिमा का अनावरण रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों किया गया। इस अवसर पर सुनेत्रा अजीत पवार, चंद्रकांत पाटिल, केंद्रीय सहकार राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, नीलम गोरहे, विधायक सिद्धार्थ शिरोळे, हेमंत रासने, महापौर मंजुषा नागपुरे, उपमहापौर परशुराम वाडेकर, सभागृह नेता गणेश बिडकर, स्थायी समिति अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले, महानगरपालिका आयुक्त नवल किशोर राम, अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों के मान्यवर उपस्थित थे।
विश्व का पहला 10 फुट ऊंचा कांस्य शिल्प
पुणे महानगरपालिका द्वारा स्थापित यह प्रतिमा छत्रपति संभाजी महाराज को ‘बुधभूषण’ ग्रंथ की रचना करते हुए दर्शाती है। यह विश्व का पहला 10 फुट ऊंचा पूर्णाकृति कांस्य शिल्प बताया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इतिहास विशेषज्ञों की समिति ने चुने श्लोक
‘बुधभूषण’ ग्रंथ के श्लोकों के चयन के लिए इतिहासकारों, संस्कृत एवं मराठी भाषा विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं की एक विशेष समिति गठित की गई थी। समिति द्वारा संभाजी महाराज द्वारा लिखित संस्कृत ग्रंथ ‘बुधभूषण’ से चयनित श्लोकों को इस स्मारक में शामिल किया गया है।
मराठी और अंग्रेज़ी अर्थ सहित उकेरे गए श्लोक
प्रतिमा परिसर में महाराज द्वारा रचित 9 चयनित श्लोक मराठी और अंग्रेज़ी अर्थ सहित अंकित किए गए हैं। साथ ही ‘बुधभूषण’ ग्रंथ की संक्षिप्त जानकारी देने वाली प्रस्तावना भी प्रदर्शित की गई है। इसके लिए 10 भव्य पत्थर की दीवारें बनाई गई हैं। प्रतिमा के आसपास रंगीन फव्वारे, आकर्षक फूलों के पौधे तथा संपूर्ण परिसर में विद्युत रोशनी की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे परिसर का सौंदर्य और बढ़ गया है।
संभाजी महाराज के विद्वत्तापूर्ण व्यक्तित्व को समर्पित स्मारक
इस अवसर पर बताया गया कि अत्यंत कठिन परिस्थितियों में हिंदवी स्वराज्य की धुरा संभालने वाले छत्रपति संभाजी महाराज केवल पराक्रमी योद्धा ही नहीं, बल्कि संस्कृत भाषा के विद्वान लेखक भी थे। उनकी विद्वत्ता और साहित्यिक योगदान को विश्व के सामने लाने के उद्देश्य से यह भव्य स्मारक तैयार किया गया है। महानगरपालिका के अनुसार, यह स्मारक पुणे के सांस्कृतिक वैभव में नई पहचान जोड़ने के साथ आने वाली पीढ़ियों को छत्रपति संभाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा देगा।

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