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बीएमसी का एल विभाग ‘राम भरोसे’, बिना नेमप्लेट कैसे हो अधिकारियों की पहचान?

प्रभारी सहायक आयुक्त अनिल जाधव के भरोसे विभाग, इमारत व कारखाना, परिरक्षण विभाग व अन्य विभागों के अधिकारियों की नेमप्लेट गायब

मुख्यमंत्री के ‘100 दिन’ अभियान की भी उड़ाई गई धज्जियां

मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के कुर्ला स्थित एल विभाग की मौजूदा स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यहां प्रशासनिक व्यवस्था ‘राम भरोसे’ चल रही है। बीएमसी एल विभाग फिलहाल प्रभारी सहायक आयुक्त अनिल जाधव के भरोसे चल रहा है, वहीं कार्यालय के कई महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों की पहचान बताने वाली नेमप्लेट तक गायब हैं। इमारत व कारखाना विभाग हो या परिरक्षण विभाग, पदनिर्देशित अधिकारी, विभागीय कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता, दुय्यम अभियंता और कनिष्ठ अभियंता जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारियों के नाम और पद दर्शाने वाली नेमप्लेट उनके स्थान कार्यालयों के बाहर नजर नहीं आतीं। ऐसे में शिकायत या किसी काम से एल विभाग पहुंचने वाले आम नागरिक संबंधित अधिकारी की पहचान कैसे करें और किस अधिकारी के पास अपनी समस्या लेकर जाएं, यह बड़ा सवाल है। इस अव्यवस्था के बीच प्रशासकीय विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कार्यालय में कौन अधिकारी कहां बैठता है और उसके नाम-पद की जानकारी नागरिकों को उपलब्ध है या नहीं, जैसी बुनियादी व्यवस्था की निगरानी तक नहीं हो रही है। स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासकीय अधिकारियों को विभाग के भीतर चल रही व्यवस्थाओं से कोई खास लेना-देना नहीं है। सवाल उठता है कि क्या उनकी जिम्मेदारी केवल कार्यालय में हाजिरी लगाने और वेतन लेने तक ही सीमित रह गई है? मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ‘100 दिन’ कार्यक्रम के तहत सरकारी कार्यालयों में साफ-सफाई, सूचना फलक और प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया गया था। इसके बावजूद एल विभाग में अधिकारियों की नेमप्लेट जैसी सामान्य व्यवस्था तक दुरुस्त नहीं होना जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।एल विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त अनिल जाधव के सामने भी सवाल है कि उनके अधीन आने वाले कार्यालय में अधिकारियों की पहचान बताने वाली नेमप्लेट क्यों गायब हैं और इस ओर अब तक ध्यान क्यों नहीं दिया गया? जब वार्ड कार्यालय में आने वाले नागरिकों को संबंधित अधिकारी की पहचान के लिए ही भटकना पड़े, तो पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब देखना होगा कि प्रभारी सहायक आयुक्त अनिल जाधव इस अव्यवस्था को कब तक दुरुस्त कराते हैं और इमारत व कारखाना तथा परिरक्षण विभाग सहित एल विभाग के सभी संबंधित अधिकारियों के नाम और पद की नेमप्लेट के साथ साथ जरूरी सूचना फलक कब लगाई जाती हैं।

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