
नागपुर। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि वरिष्ठ अभिनेता पद्मश्री एवं महाराष्ट्र भूषण अशोक सराफ ने मराठी सिनेमा को जनसामान्य से जोड़ते हुए उसे नई पहचान और नई ऊंचाई दिलाई है। उन्होंने कहा कि अशोक सराफ की फिल्मों और अभिनय में मराठी समाज का संघर्ष, वास्तविकता, सीमाएं, दुख और खुशियां सहज रूप से दिखाई देती हैं, जिन्हें उन्होंने अपनी अदाकारी के माध्यम से हास्य और आनंद का नया आयाम दिया। मुख्यमंत्री नागपुर के वसंतराव देशपांडे सभागार में आयोजित अशोक सराफ के नागरिक सम्मान समारोह में बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन नागपुर महानगरपालिका, विदर्भ गौरव प्रतिष्ठान और श्री सिद्धिविनायक ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर महापौर नीता ठाकरे, विदर्भ गौरव प्रतिष्ठान के अध्यक्ष डॉ. गिरीश गांधी, श्री सिद्धिविनायक सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक संदीप जोशी, उपमहापौर लीला हाथीबेड, स्थायी समिति की अध्यक्ष शिवानी दाणी-वखरे, सत्ता पक्ष के नेता नरेंद्र बोरकर तथा मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अशोक सराफ जैसे कलाकार का मिलना मराठी रंगमंच, फिल्म जगत और दर्शकों के लिए गर्व की बात है। उनका सम्मान केवल एक कलाकार का सम्मान नहीं, बल्कि उन असंख्य खुशियों का सम्मान है जो उन्होंने अपनी कला से कई पीढ़ियों को दी हैं। उन्होंने कहा कि अशोक सराफ ने मराठी फिल्मों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ाया और अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में स्थायी स्थान बनाया। सम्मान के उत्तर में अशोक सराफ ने भावुक होते हुए कहा कि उनके लंबे अभिनय जीवन में इतना भव्य सम्मान उन्हें पहले कभी नहीं मिला। उन्होंने कहा, “दर्शक हैं, इसलिए हम हैं,” और अपने प्रति व्यक्त किए गए स्नेह के लिए सभी का आभार माना। कार्यक्रम की शुरुआत अभिनेता पुष्कर श्रोत्री द्वारा अशोक सराफ की विशेष मुलाकात से हुई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें स्मृति चिह्न और 5 लाख रुपये का सम्मान राशि का चेक प्रदान किया। विदर्भ गौरव प्रतिष्ठान की ओर से डॉ. गिरीश गांधी ने स्मृति चिह्न और 51 हजार रुपये, जबकि श्री सिद्धिविनायक ट्रस्ट की ओर से 1 लाख रुपये का चेक भेंट कर उनका सम्मान किया गया। अशोक सराफ के 80वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में 80 दीप प्रज्वलित कर उनका अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम में महापौर नीता ठाकरे ने भी अपने विचार व्यक्त किए, जबकि पूर्व विधायक संदीप जोशी ने प्रस्तावना रखी और संचालन पुष्कर श्रोत्री ने किया।


