
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को समाज कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए शिक्षा, छात्रवृत्ति, वृद्धावस्था पेंशन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के लिए स्पष्ट नियमावली तैयार करने, शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाने और विद्यालयों के बेहतर संचालन के लिए एक सोसाइटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप आवश्यक मानव संसाधन भी उपलब्ध कराया जाए।मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराने और योजना की पहुंच को और व्यापक बनाने पर जोर दिया। वर्तमान में यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में 163 केंद्रों के माध्यम से संचालित हो रही है। इन केंद्रों पर 1,783 इम्पैनल्ड शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं, जबकि यूपीएससी, पीसीएस, नीट, जेईई, एनडीए/सीडीएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 23,801 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। योजना के तहत चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वृद्धावस्था पेंशन के पात्र लेकिन अब तक वंचित बुजुर्गों के आवेदनों का शीघ्र सत्यापन कर उन्हें जल्द से जल्द पेंशन का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि आवेदन से लेकर पेंशन स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि पात्र लोगों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।बैठक में छात्रवृत्ति वितरण की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक पात्र छात्र को समय पर छात्रवृत्ति मिलनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति से वंचित विद्यार्थियों के लिए आवेदन पोर्टल तत्काल खोला जाए तथा हर हाल में 2 अक्टूबर तक छात्रवृत्ति की राशि विद्यार्थियों के खातों में हस्तांतरित कर दी जाए।

