
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 30 जून से 17 अगस्त 2026 के बीच घर-घर जाकर गणना प्रपत्र (Enumeration Form) भरवाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। राज्य के कुल 9.78 करोड़ मतदाताओं में से 7.71 करोड़ यानी 78.85 प्रतिशत मतदाताओं ने हस्ताक्षर सहित गणना प्रपत्र जमा कर दिए हैं। वहीं, 2.07 करोड़ यानी 21.15 प्रतिशत मतदाता नियमानुसार या वास्तविक स्थिति के अनुसार प्रारूप मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने के पात्र नहीं पाए गए, जिन्हें ‘अनकलेक्टेबल ईएफ (Uncollectable EF)’ श्रेणी में रखा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, इस श्रेणी में शामिल मतदाताओं में 75.52 लाख ऐसे हैं जो अपने पते पर नहीं मिले या अनुपस्थित पाए गए, 76.80 लाख मतदाता स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके हैं, 34.81 लाख मतदाताओं का निधन हो चुका है, जबकि 17.63 लाख मतदाताओं के नाम अन्य स्थानों पर दर्ज पाए गए या उनकी दोहरी प्रविष्टि मिली है। इसके अलावा 2.23 लाख मतदाताओं को ‘अन्य’ श्रेणी में रखा गया है। ‘अनकलेक्टेबल ईएफ’ श्रेणी के मतदाताओं की अस्थायी सूची संबंधित जिलाधिकारियों की वेबसाइट पर पहले ही प्रकाशित की जा चुकी है। यदि इन मतदाताओं के संबंध में किसी राजनीतिक दल के बूथ स्तरीय प्रतिनिधि द्वारा जानकारी दी जाती है तो बूथ स्तर अधिकारी उसकी जांच कर संबंधित मतदाता का गणना प्रपत्र भरवाने की कार्रवाई करेंगे। निर्वाचन आयोग जल्द ही प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित करेगा। यह सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सॉफ्ट और हार्ड कॉपी दोनों स्वरूपों में उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही ‘अनकलेक्टेबल ईएफ’ श्रेणी के मतदाताओं की सूची भी सरकारी कार्यालयों के सूचना पट्ट, जिला निर्वाचन अधिकारी तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद एक महीने तक दावा और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। जिन मतदाताओं का नाम सूची में नहीं है या जो 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे फॉर्म-6, घोषणा पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकेंगे। मतदाता सूची में संशोधन के लिए फॉर्म-8 तथा किसी नाम को हटाने के लिए फॉर्म-7 प्रस्तुत किया जा सकेगा। सभी आवेदनों की जांच के बाद पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चेतावनी दी है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने या नाम हटाने के लिए आवेदन करते समय यदि कोई व्यक्ति गलत घोषणा या झूठी जानकारी देता है तो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

