
मुंबई। महाराष्ट्र में ड्रोन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मुंबई के सह्याद्री अतिथि गृह में ड्रोन निर्माण कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में राज्य की मानवरहित प्रणाली (ड्रोन) नीति की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने घोषणा की कि ड्रोन उद्योग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, उद्यमियों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की विभिन्न औद्योगिक नीतियों में अनुसंधान एवं विकास (R&D), स्वदेशी पुर्जों के निर्माण, परीक्षण, पेटेंट और अनुदान से जुड़ी सभी सुविधाओं को एकीकृत कर ड्रोन उद्योग के लिए ‘पॉलिसी ऑफ पॉलिसीज’ तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की ड्रोन नीति अन्य राज्यों की तुलना में अधिक मजबूत और व्यापक है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रोन क्षेत्र में अनुसंधान, विकास और स्वदेशी तकनीक को विशेष प्रोत्साहन दिया जाए तथा उद्यमियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का समेकित लाभ उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नए निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ राज्य में पहले से कार्यरत ड्रोन उद्योगों को भी हरसंभव सहयोग दिया जाए।बैठक में छत्रपति संभाजीनगर की इंडस्ट्रियल सिटी में ‘ड्रोन सिटी’ विकसित करने की परियोजना में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) के माध्यम से ड्रोन उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराने हेतु अगले दो से तीन वर्षों के लिए विशेष प्रोत्साहन नीति पर विचार करने के निर्देश दिए गए।मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन उद्योग के लिए टेस्टिंग रेंज, पेटेंट लागत में सहायता तथा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का समेकित लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बैठक में मंत्री आशीष शेलार सहित वरिष्ठ अधिकारी और ड्रोन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

