
मुंबई/नांदेड़। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ में हुए हमले की जांच के आदेश दिए हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री ने सुखबीर सिंह बादल से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना और नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। यह हमला गुरुवार सुबह करीब 11 बजे नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब (माता साहिब गुरुद्वारा परिसर के निकट) हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निहंग वेशधारी एक व्यक्ति ने धारदार हथियार से सुखबीर सिंह बादल पर हमला करने की कोशिश की। सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हमलावर को रोक लिया, लेकिन इस दौरान बादल के हाथ में चोट लग गई। उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर संतोष केंद्र भी हमले में घायल हुए। घटना के तुरंत बाद सुखबीर सिंह बादल को इलाज के लिए नांदेड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार उनकी हालत स्थिर है। पुलिस ने एक संदिग्ध हमलावर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी निहंग वेश में था।
मुख्यमंत्री ने लिया घटनाक्रम का संज्ञान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फोन पर सुखबीर सिंह बादल से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। बादल ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी स्थिति स्थिर है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने नांदेड़ पुलिस को मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए।
अकाली दल ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता अर्शदीप सिंह क्लेर ने बताया कि सुखबीर सिंह बादल तख्त श्री हजूर साहिब में मत्था टेकने पहुंचे थे। दर्शन के बाद बाहर निकलते समय एक व्यक्ति ने उन पर हमला करने का प्रयास किया। सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि बादल पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके हाथ में मामूली चोट आई है। क्लेर ने कहा कि चूंकि यह घटना महाराष्ट्र में हुई है, इसलिए महाराष्ट्र पुलिस जांच करेगी कि हमलावर कौन था, उसके पीछे कौन लोग थे और हमले के पीछे क्या साजिश थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंथिक नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि कम समय में सुखबीर सिंह बादल पर यह दूसरा जानलेवा हमला है। उन्होंने इसे सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र की बड़ी विफलता बताते हुए कहा कि यदि पहले हुए हमले की प्रभावी जांच हुई होती तो संभवतः इस घटना को रोका जा सकता था।
भाजपा ने की घटना की निंदा
भाजपा सांसद तरुण चुघ ने भी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी धार्मिक स्थल के बाहर इस तरह की हिंसक घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमले के कारणों तथा संभावित साजिश की सभी पहलुओं से पड़ताल की जा रही है।

