
मुंबई। 21वीं सदी में ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ केवल भारतीय दर्शन नहीं, बल्कि दैनिक जीवन की वास्तविकता बन चुका है। भारत ने हमेशा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का हाथ बढ़ाते हुए ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत किया है। शहरों को बेहतर, समावेशी और भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए ब्रिक्स देशों को आपसी सहयोग और बढ़ाना चाहिए, यह आह्वान राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने किया। मंगलवार को राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा के हाथों मुंबई में ‘ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026’ का उद्घाटन किया गया। ‘मुंबई फर्स्ट’ संस्था की ओर से इस सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राज्यपाल के सहसचिव एस. राममूर्ति, ‘मुंबई फर्स्ट’ के अध्यक्ष नरिंदर नायर और उपाध्यक्ष अशांक देसाई सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे। राज्यपाल वर्मा ने कहा कि शहर नवाचार और रचनात्मकता के इंजन हैं। तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के बीच नागरिकों के लिए रहने योग्य शहरों का निर्माण करना सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में विभिन्न स्तरों पर ब्रिक्स देशों के बीच आपसी सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों में विविधता होने के बावजूद वहां के समाजों की आकांक्षाएं समान हैं। युवा आबादी, तेजी से बढ़ते शहर और बदलती अर्थव्यवस्था को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल प्रशासन और किफायती आवास जैसे क्षेत्रों में ब्रिक्स देशों को अपने अनुभव और तकनीक का आदान-प्रदान करना चाहिए।
‘एक-दूसरे की मदद करें, विकास का रास्ता आसान बनाएं’ : उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
संत तुकाराम महाराज की पंक्ति ‘एकमेका साह्य करू, अवघे धरू सुपंथ’ का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ब्रिक्स देशों के शहरों से आपसी सहयोग के माध्यम से विकास का मार्ग प्रशस्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों को एक-दूसरे के साथ उन्नत तकनीक, अनुभव, ज्ञान और जानकारी का आदान-प्रदान करना चाहिए। ऐसे आपसी सहयोग से देशों के बीच संबंध मजबूत होंगे, वैश्विक विकास को गति मिलेगी और प्रत्येक शहर के लिए सतत विकास हासिल करना संभव होगा। ‘मुंबई फर्स्ट’ के अध्यक्ष नरिंदर नायर ने सम्मेलन के आयोजन की भूमिका स्पष्ट की, जबकि संस्था के उपाध्यक्ष अशांक देसाई ने आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के शहरों के प्रतिनिधि, महापौर, नगर नियोजन विशेषज्ञ और शहरी विकास क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य शामिल हुए।

