
देवेश प्रताप सिंह राठौर/झांसी, उत्तर प्रदेश। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर निदेशक डॉ. आर.के. सोनी ने मंगलवार देर रात मंडलीय परियोजना प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन आनंद चौबे के साथ जिला चिकित्सालय झांसी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. आर.के. सक्सेना भी मौजूद रहे। अचानक हुए रात्रिकालीन निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक ने इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति, ड्यूटी रोस्टर, मरीजों के उपचार की व्यवस्था और अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। अस्पताल की अधिकांश मूलभूत व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। स्टेमी कक्ष पूरी तरह क्रियाशील मिला और हृदय रोगियों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार दिया जा रहा था। ईसीजी जांच, आईसीयू और वेंटिलेटर सेवाएं भी सुचारु रूप से संचालित मिलीं। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी में ब्लड शुगर की जांच की सुविधा उपलब्ध मिली, लेकिन अन्य आवश्यक पैथोलॉजी जांचों की तत्काल उपलब्धता को और मजबूत करने की जरूरत सामने आई। इस पर डॉ. सोनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंभीर मरीजों के उपचार में जांच के कारण किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक पैथोलॉजी जांचों की सुविधा चौबीसों घंटे सुनिश्चित की जाए। अपर निदेशक ने इमरजेंसी कक्ष में अतिरिक्त एयर कंडीशनर लगवाने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही अस्पताल के प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों को नियमित रूप से अपडेट कर ऐसे स्थान पर प्रदर्शित करने को कहा, जहां मरीज और तीमारदार आसानी से उन्हें देख सकें। हृदयाघात के संदिग्ध मरीजों की त्वरित जांच के लिए ट्रोपोनिन-आई जांच किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए। डॉ. सोनी ने एक्स-रे, सीटी स्कैन और अन्य आवश्यक चिकित्सा सेवाओं के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों का स्पष्ट ड्यूटी रोस्टर तैयार कर प्रदर्शित करने को कहा, ताकि आपात स्थिति में मरीजों और तीमारदारों को संबंधित कर्मचारी की तलाश में भटकना न पड़े और आवश्यक जांच समय पर हो सके। उन्होंने पिछले तीन माह के दौरान हृदय रोग से संबंधित गंभीर मरीजों के सफल उपचार के मामलों का विवरण तैयार करने के भी निर्देश दिए। ऐसे मामलों को ‘सक्सेस स्टोरी’ के रूप में प्रलेखित किया जाएगा, जिससे जिला चिकित्सालय में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और सफल उपचार की उपलब्धियों का रिकॉर्ड तैयार हो सके। अपर निदेशक ने इमरजेंसी के बाहर पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर हर समय उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। साथ ही एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस को इमरजेंसी के समीप तैनात रखने को कहा, ताकि गंभीर मरीजों को गोल्डन ऑवर के दौरान तत्काल उपचार देने के साथ आवश्यकता पड़ने पर बिना समय गंवाए उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया जा सके। निरीक्षण के बाद डॉ. आर.के. सोनी ने संबंधित अधिकारियों को आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, त्वरित जांच सुविधाओं और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता को समयबद्ध तरीके से और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

