
मुंबई। मुंबई की विरासत इमारतों के संरक्षण और महानगर में बनने वाली ऊंची इमारतों से जुड़े प्रस्तावों को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त अश्विनी भिडे ने वारसा संवर्धन समिति (Heritage Committee) और उत्तुंग इमारत समिति (High Rise Building Committee) के कामकाज की समीक्षा की। बीएमसी क्षेत्र में मौजूद ऐतिहासिक और विरासत महत्व की इमारतों के संरक्षण, पुनर्स्थापना और सौंदर्यीकरण में वारसा संवर्धन समिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुंबई की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए इन संरचनाओं के संरक्षण से संबंधित विषयों पर समिति काम करती है।वहीं, महानगर में तेजी से बढ़ते हाईराइज निर्माण के बीच 120 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों को अनुमति देने से संबंधित प्रस्तावों पर उत्तुंग इमारत समिति विचार करती है।बैठक में दोनों समितियों के कामकाज का जायजा लिया गया। इस दौरान उत्तुंग इमारत समिति एवं वारसा संवर्धन समिति के अध्यक्ष प्रवीण परदेशी, उपायुक्त (महानगरपालिका आयुक्त कार्यालय) प्रशांत गायकवाड, प्रमुख अभियंता (विकास नियोजन) सुनील राठोड, मुंबई अग्निशमन दल के प्रमुख अग्निशमन अधिकारी रवींद्र आंबुलगेकर सहित समितियों के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

