
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई महाराष्ट्र राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में स्थानीय स्वराज संस्थाओं, न्याय व्यवस्था, नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों, अवैध खनन, मुंबई उपनगरीय रेलवे और कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। ग्राम पंचायत, जिला परिषद और पंचायत समिति की आरक्षित सीटों से निर्वाचित सदस्यों के लिए जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा करने की समयसीमा तय करने के साथ ही पुणे में एनडीपीएस मामलों के लिए विशेष न्यायालय और पांच जिलों में अत्याचार निवारण कानून के मामलों के लिए विशेष अनन्य न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
आरक्षित सीट से जीते तो 12 माह में देना होगा जाति वैधता प्रमाणपत्र
मंत्रिमंडल ने ‘महाराष्ट्र ग्राम पंचायत तथा महाराष्ट्र जिला परिषद एवं पंचायत समिति (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ जारी करने को मंजूरी दी है। इसके तहत ग्राम पंचायत, जिला परिषद और पंचायत समिति की आरक्षित सीटों से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को निर्वाचित घोषित होने की तारीख से 12 महीने के भीतर जाति वैधता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था 9 फरवरी 2026 या उसके बाद और अध्यादेश लागू होने से पहले हुए सामान्य अथवा उपचुनावों में आरक्षित सीटों से निर्वाचित उम्मीदवारों पर लागू होगी। निर्धारित समय में जाति वैधता प्रमाणपत्र नहीं देने पर संबंधित व्यक्ति का निर्वाचन पूर्व प्रभाव से निरस्त माना जाएगा। वह सदस्य, सरपंच, जिला परिषद सदस्य, जिला परिषद अध्यक्ष अथवा पंचायत समिति सभापति के पद पर बने रहने के लिए भी अयोग्य होगा। इसके लिए संबंधित कानूनों में संशोधन किया जाएगा।
पुणे में NDPS मामलों के लिए विशेष अदालत
मादक द्रव्य एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), 1985 के मामलों की सुनवाई तेज करने के लिए पुणे में विशेष न्यायालय स्थापित किया जाएगा। राज्य में एनडीपीएस कानून के तहत करीब 30 हजार मामले लंबित हैं, जिनमें अकेले पुणे में 1,425 मामले लंबित बताए गए हैं। विशेष अदालत के लिए जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सहित आठ पदों को मंजूरी दी गई है। इस पर ₹1 करोड़ 26 लाख 35 हजार खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। पुणे जिला न्यायालय का कक्ष क्रमांक 22 विशेष अदालत के लिए उपलब्ध कराया गया है।
कुर्डूवाड़ी में नया दीवानी न्यायालय
सोलापुर जिले के माढा तालुका स्थित कुर्डूवाड़ी में दीवानी न्यायाधीश कनिष्ठ स्तर एवं प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय स्थापित करने को मंजूरी मिली है। इसके लिए एक न्यायिक अधिकारी और 11 नियमित सहायक पद उपलब्ध कराए जाएंगे।
न्यायालय की स्थापना पर ₹1 करोड़ 18 लाख 74 हजार के खर्च को मंजूरी दी गई है। इससे कुर्डूवाड़ी और आसपास के नागरिकों को दीवानी एवं आपराधिक मामलों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
कर्जत में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय
अहिल्यानगर जिले के कर्जत और जामखेड तालुका के नागरिकों के लिए कर्जत में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय स्थापित किया जाएगा। एक न्यायिक अधिकारी के साथ शासकीय अभियोक्ता कार्यालय सहित 22 सहायक पद तथा बाह्य एजेंसी से सात मानव संसाधनों की सेवाओं को मंजूरी दी गई है। न्यायालय और शासकीय अभियोक्ता कार्यालय के लिए ₹3 करोड़ 30 लाख के खर्च को स्वीकृति मिली है।
पांच जिलों में विशेष अनन्य न्यायालय
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के मामलों की सुनवाई के लिए अहिल्यानगर, परभणी, सोलापुर, नांदेड़ और यवतमाल में विशेष अनन्य न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। राज्य में इस कानून के तहत करीब 17,023 मामले लंबित हैं। इनमें अहिल्यानगर में 1,014, परभणी में 526, सोलापुर में 516, नांदेड़ में 735 और यवतमाल में 723 मामले लंबित हैं। प्रत्येक न्यायालय के लिए न्यायाधीश समेत सात नियमित पद और बाह्य एजेंसी से दो मानव संसाधनों की व्यवस्था होगी। इसके लिए कुल ₹4 करोड़ 51 लाख के खर्च को मंजूरी दी गई है।
अवैध खनन और परिवहन पर 10 गुना जुर्माना
गौण खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर शिकंजा कसने के लिए महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 की धारा 48(7) में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब गौण खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन के मामलों में रॉयल्टी की राशि का दस गुना जुर्माना लगाया जाएगा। विधानमंडल के दोनों सदन स्थगित होने के कारण संशोधन लागू करने के लिए अध्यादेश जारी करने को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है।
एमआरवीसी की अधिकृत शेयर पूंजी 25 करोड़ से बढ़कर 500 करोड़
मुंबई उपनगरीय रेलवे की परियोजनाओं को गति देने के लिए मुंबई रेलवे विकास महामंडल लिमिटेड (एमआरवीसी) की अधिकृत शेयर पूंजी ₹25 करोड़ से बढ़ाकर ₹500 करोड़ करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ चुकता शेयर पूंजी ₹25 करोड़ से बढ़ाकर ₹225 करोड़ की जाएगी। इसमें महाराष्ट्र सरकार के हिस्से के रूप में ₹98 करोड़ के अंशदान को मंजूरी दी गई है।एमआरवीसी में रेल मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार की हिस्सेदारी 51:49 है। महामंडल मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के तहत उपनगरीय रेलवे के विस्तार, आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं पर काम करता है।
महा एग्री-AI के लिए प्रबंध निदेशक पद मंजूर
महाराष्ट्र सरकार की महा एग्री-एआई नीति के तहत स्थापित कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं एग्रीटेक नवाचार केंद्र के लिए प्रबंध निदेशक पद को भी मंजूरी दी गई है। महा एग्री-एआई नीति के लिए सरकार ने ₹500 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर AI एवं एग्रीटेक नवाचार केंद्र बनाया गया है। अभी प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार कृषि विभाग के उप सचिव के पास है। अब इस पद को प्रतिनियुक्ति के आधार पर मंत्रालय में सह सचिव, उप सचिव अथवा समकक्ष स्तर के सरकारी अधिकारी से भरा जाएगा।
मंत्रिमंडल के इन फैसलों में एक ओर स्थानीय निकायों की आरक्षित सीटों के लिए जाति वैधता प्रमाणपत्र की व्यवस्था स्पष्ट की गई है, वहीं न्यायालयों की संख्या बढ़ाकर लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने का प्रयास किया गया है। इसके साथ अवैध खनन पर आर्थिक दंड बढ़ाने, मुंबई रेल परियोजनाओं की वित्तीय क्षमता मजबूत करने और कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

