
इंद्र यादव/भदोही, उत्तर प्रदेश। सुरियावां क्षेत्र के सनाथपट्टी-महदेपुर मार्ग की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन करते हुए शासन-प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जताई। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर ग्रामीणों ने साफ संदेश दिया कि अब केवल आश्वासन नहीं, सड़क का निर्माण चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि विकास भले ही कागजों पर दौड़ रहा हो, लेकिन यहां जनता गड्ढों और कीचड़ के बीच रास्ता तय करने को मजबूर है। सनाथपट्टी-महदेपुर मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के बाद जलजमाव से स्थिति और खराब हो जाती है। सड़क किनारे समुचित नाली व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी और कीचड़ लंबे समय तक सड़क पर जमा रहता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस मार्ग से स्कूल जाने वाले बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गड्ढों, पानी और कीचड़ के कारण बच्चे फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने “सड़क बनाओ, वादा निभाओ”, “सड़क नहीं तो वोट नहीं”, “महदेपुर-सनाथपट्टी की यही पुकार, अच्छी सड़क है हमारा अधिकार” और “अब नहीं सहेंगे अत्याचार, सड़क बनाओ तत्काल” जैसे नारे लगाकर अपना आक्रोश जाहिर किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक और सांसद तक सभी को सड़क की खराब स्थिति की जानकारी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि विकास के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव बीतने के बाद वर्षों पुरानी समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। ग्रामीणों ने भदोही विधायक पर भी कई बार आश्वासन देने के बावजूद सड़क निर्माण नहीं होने का आरोप लगाया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व युवा समाजसेवी दिनेश यादव ‘दादा’ ने किया। उनके साथ कृष्णा यादव, विश्वनाथ यादव, प्रदीप यादव, गणेश सरोज, मनोज यादव, धर्मराज यादव, मोहित सरोज, रंजीत पाल, छोटेलाल, पंधारी, भानु प्रसाद और राजेश यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को दो-टूक चेतावनी दी कि यदि सड़क की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। “सड़क नहीं तो वोट नहीं” के नारे के साथ ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि इस बार वे केवल आश्वासन पर भरोसा करने के लिए तैयार नहीं हैं। अब देखना यह है कि वर्षों से बदहाल सनाथपट्टी-महदेपुर मार्ग को लेकर उठी ग्रामीणों की आवाज के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधि हरकत में आते हैं या जनता को आगे भी गड्ढों, जलजमाव और कीचड़ से जूझना पड़ेगा।

