
मुंबई। मुंबई की ट्राया कंपनी में एडिटर के रूप में कार्यरत अर्णव विनोद देशपांडे ने हिमाचल प्रदेश की पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला में स्थित प्रसिद्ध हम्पता पास ट्रेक सफलतापूर्वक पूरा कर साहसिक उपलब्धि हासिल की है। यूथ हॉस्टेल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (YHAI) द्वारा आयोजित इस पर्वतारोहण अभियान में देशभर से 38 पर्वतारोहियों ने हिस्सा लिया। दल में मुंबई से अर्णव विनोद देशपांडे, सिद्धेश म्हात्रे, आकाश वाघचौरे, अर्चना वाघचौरे, नाशिक से रत्नाकर शेजवळ तथा नागपुर से प्रणय वाळूंद्रे और धर्मेंद्र कुमार शामिल थे। यह ट्रेक मनाली के समीप जोब्रा नाला से शुरू होकर चिका, बालू का घेरा, हम्पता पास, शेया गोसु और छत्रु होते हुए पूरा किया गया। लगभग 27 किलोमीटर लंबी इस ट्रेकिंग यात्रा में पर्वतारोहियों ने 14,065 फीट की ऊंचाई तक पहुंचते हुए पांच दिनों में अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया। अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने कड़ाके की ठंड, बारिश, तेज हवाओं, घने बादलों, पथरीले रास्तों और कठिन पहाड़ी चढ़ाई-उतराई जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया। कठिन मौसम के बावजूद सभी पर्वतारोहियों ने साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए ट्रेक पूरा किया। हम्पता पास हिमाचल प्रदेश के सबसे खूबसूरत ट्रेक मार्गों में से एक माना जाता है, जो हरी-भरी कुल्लू घाटी को लाहौल के पथरीले एवं बर्फीले क्षेत्र से जोड़ता है। ट्रेक के दौरान प्रतिभागियों ने घने जंगल, प्राकृतिक झरने, रंग-बिरंगे फूलों से सजी घाटियां, बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंखलाएं तथा मनमोहक चंद्रताल झील का भी आनंद लिया, जो इस क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। विशेषज्ञों के अनुसार, जून से सितंबर का समय हम्पता पास ट्रेक के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी अर्णव देशपांडे और सिद्धेश म्हात्रे महाराष्ट्र के कोंकण, मराठवाड़ा और नाशिक सहित कई क्षेत्रों की दुपहिया वाहन से साहसिक यात्राएं कर चुके हैं। दोनों युवा समय-समय पर ऐसे साहसिक अभियानों में भाग लेते हैं और इनके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता तथा युवाओं को साहसिक गतिविधियों के प्रति प्रेरित करने का संदेश भी देते हैं।

