
मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने 16 से 20 जुलाई 2026 के बीच राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाकर मिलावटी खाद्य पदार्थों, प्रतिबंधित गुटखा-पान मसाला और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की। इस दौरान 53 छापों में 49 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 37 एफआईआर दर्ज की गईं और 1 करोड़ 80 लाख 32 हजार 893 रुपये मूल्य का प्रतिबंधित गुटखा एवं पान मसाला जब्त किया गया। वहीं अन्य खाद्य पदार्थों का 5.56 लाख रुपये मूल्य का 2,796.5 किलोग्राम स्टॉक भी जब्त किया गया। कुल जब्त सामग्री का मूल्य 1 करोड़ 85 लाख 89 हजार 142 रुपये रहा। एफडीए ने राज्यभर में दूध और दुग्ध उत्पादों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान 1,731 लीटर दूध तथा 896 किलोग्राम दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत 1 लाख 44 हजार 894 रुपये आंकी गई। गोवंडी स्थित सूफी डेयरी से गलत तापमान पर रखे गए 1,683 लीटर दूध को जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। वहीं लातूर के रेणापुर में संदिग्ध मावा, बीड में बिना पंजीकरण दूध बिक्री, धाराशिव के स्कूल पोषण आहार में सोयाबीन वड़ी में कीड़े मिलने तथा नाशिक के सिन्नर स्थित दो डेयरियों से संदिग्ध निम्न गुणवत्ता वाला दूध भी जब्त किया गया। राज्यभर में 103 होटल, रेस्तरां, ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें 34 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि 16 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। पुणे, सातारा, सांगली, कोल्हापुर, अमरावती, नागपुर और जळगांव सहित कई जिलों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए गए। पुणे क्षेत्र में अकेले 12 होटल, रेस्तरां और कैंटीनों के लाइसेंस निलंबित किए गए। प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाले के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई अमरावती विभाग में हुई, जहां 1.23 करोड़ रुपये का प्रतिबंधित माल जब्त किया गया। बृहन्मुंबई, कोकण, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और नाशिक क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर छापेमारी कर कई प्रतिष्ठानों को सील किया गया, एफआईआर दर्ज की गईं और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा एफडीए ने “सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र” अभियान के तहत सोलापुर, कोल्हापुर, नाशिक, मालेगांव और अमरावती में भी कार्रवाई करते हुए मसाले, मिठाई, खाद्य उत्पाद, गुड़ और बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री का स्टॉक जब्त किया तथा संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नागरिकों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित ‘फूड एंड ड्रग ग्रीवेंस पोर्टल’ भी शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक मिलावटी खाद्य पदार्थ, असुरक्षित भोजन, नकली एवं घटिया दवाओं सहित खाद्य एवं औषधि संबंधी शिकायतें मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में ऑनलाइन या वॉयस फीचर के जरिए दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों की निगरानी ऑनलाइन की जा सकेगी और संबंधित अधिकारी नियमों के अनुसार कार्रवाई करेंगे। एफडीए ने नागरिकों से अपील की है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ी किसी भी शिकायत के लिए FoSCoS पोर्टल, Food Safety Connect App, टोल-फ्री नंबर 1800-222-365 या नए AI आधारित शिकायत पोर्टल का उपयोग कर तुरंत सूचना दें, ताकि मिलावटखोरों और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।

