
नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके से मुलाकात कर हालिया घटनाक्रम, पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों की स्थिति और आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा की। उनके साथ एनसीपी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं। मुलाकात के बाद अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया मंच X पर शरद पवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने जंतर-मंतर पहुंचकर घायल छात्रों की स्थिति की जानकारी ली और कठिन समय में आंदोलन का समर्थन किया। दिपके ने लिखा कि शरद पवार ने छात्रों के प्रति चिंता व्यक्त की और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना। बैठक के दौरान दिपके ने शरद पवार को आंदोलन की प्रमुख मांगों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि CJP, NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। इसके अलावा संगठन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने, कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने तथा जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी मांगें रखीं। दिपके के अनुसार, शरद पवार ने आंदोलनकारियों से पूछा कि उन्हें किस प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है और वे कब तक अपना आंदोलन जारी रखने की योजना बना रहे हैं। इस पर दिपके ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पिछले 31 दिनों से जारी है और जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर केंद्र सरकार कोई निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच, CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के बाद राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी प्रधानमंत्री आवास के निकट विरोध प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा छात्रों के लिए न्याय की मांग की। बाद में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात की।

