HomeArchitectureBreakingगणेशोत्सव को मिलेगा वैश्विक मंच, महाराष्ट्र सरकार ने प्रतियोगिता को बढ़ाया अंतरराष्ट्रीय...

गणेशोत्सव को मिलेगा वैश्विक मंच, महाराष्ट्र सरकार ने प्रतियोगिता को बढ़ाया अंतरराष्ट्रीय स्तर तक

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सबसे बड़े सांस्कृतिक पर्व गणेशोत्सव को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पिछले वर्ष गणेशोत्सव को ‘राज्य महोत्सव’ का दर्जा देने के बाद अब सरकार ने इस वर्ष आयोजित होने वाली उत्कृष्ट सार्वजनिक गणेशोत्सव प्रतियोगिता का विस्तार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक करने का निर्णय लिया है। इससे देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में गणेशोत्सव मनाने वाले सार्वजनिक मंडलों को भी प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा। सरकार के इस निर्णय के तहत महाराष्ट्र के साथ-साथ देश-विदेश में सामाजिक, सांस्कृतिक और जनहित के कार्यक्रमों के माध्यम से गणेशोत्सव मनाने वाले सार्वजनिक मंडलों के कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले मंडलों को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती 23 जुलाई के अवसर पर सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के पदाधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी और पु.ल.देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगी। इसका उद्घाटन सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार करेंगे। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी, रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी के कार्यकारी निदेशक अभिराम घड्याळपाटील, उप सचिव नंदा राऊत तथा महाराष्ट्र कला अकादमी की निदेशक मीनल जोगळेकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इसी कार्यक्रम के साथ इस वर्ष के महागणेशोत्सव उपक्रमों की भी औपचारिक शुरुआत होगी। प्रशिक्षण कार्यशाला में गणेशोत्सव के इतिहास, सामाजिक उत्तरदायित्व, वित्तीय प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, जनहित कार्यक्रमों के आयोजन तथा नेतृत्व विकास जैसे विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। साथ ही लोकमान्य तिलक द्वारा स्थापित मुंबई के पहले सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल केशवजी नाईक चाळ सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के पदाधिकारी अपनी सौ वर्ष से अधिक की गौरवशाली यात्रा और अनुभव साझा करेंगे। राज्य सरकार का उद्देश्य गणेशोत्सव के माध्यम से मराठी भाषा, मराठी संस्कृति, ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना तथा मूल्य आधारित सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है, ताकि यह उत्सव सामाजिक जागरूकता और वैश्विक सद्भाव का भी माध्यम बन सके। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 23 जुलाई को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी परिसर में आयोजित होगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण अकादमी के यूट्यूब चैनल पर भी किया जाएगा, ताकि देश और दुनिया के सभी सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल इसमें ऑनलाइन सहभागी बन सकें।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments