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किसान दिवस में सीडीओ सख्त: उर्वरक वितरण की होगी जांच, लापरवाही पर जेई का वेतन रोका

देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तर प्रदेश। विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने की। उन्होंने कहा कि किसान दिवस शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील व्यवस्था है, इसलिए सभी अधिकारी किसानों की शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने किसानों से खेती-किसानी से जुड़ी समस्याएं खुलकर रखने का आह्वान करते हुए कहा कि किसान दिवस का उद्देश्य उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान करना है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसान दिवस में प्राप्त सभी शिकायतों को संबंधित विभागों को तत्काल भेजकर समयसीमा के भीतर उनका निस्तारण कराया जाए। साथ ही विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दें तथा खेती को लाभकारी बनाने, उत्पादन बढ़ाने और उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर विशेष ध्यान दें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद के लगभग 50 हजार किसानों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराने वाले किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य सरकारी योजनाओं और खाद वितरण जैसी सुविधाओं से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि सभी लंबित फार्मर रजिस्ट्रियां शीघ्र पूर्ण कराई जाएं। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक 16,518 लंबित फार्मर रजिस्ट्रियां झांसी तहसील में, 14,491 गरौठा तहसील में तथा सबसे कम 300 टहरौली तहसील में लंबित हैं। किसान दिवस के दौरान चिरगांव विकासखंड के ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग निवासी किसान राजीव सिंह ने शिकायत की कि आकाशीय बिजली गिरने से उनके निजी नलकूप की डीपी खराब हो गई थी। टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद संबंधित अवर अभियंता (जेई) सद्गुरु शरण ने ग्राम प्रधान की मुहर लगाकर शिकायत लाने की शर्त रखी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित जेई का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने तथा अधिशासी अभियंता को किसान की समस्या का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। बैठक में किसानों ने हाथी नोटा सोसाइटी सहित अन्य सहकारी समितियों में उर्वरक वितरण में अनियमितताओं और किसानों को परेशान किए जाने की शिकायत भी उठाई। इस पर सीडीओ ने संबंधित समितियों में उर्वरक वितरण की जांच कराने के निर्देश दिए तथा स्पष्ट किया कि खाद का वितरण केवल पॉश मशीन के माध्यम से ही किया जाए। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिए कि जनपद की सभी उर्वरक दुकानों पर निर्धारित मूल्य सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराई जाए, ताकि किसानों से किसी प्रकार की अधिक कीमत न वसूली जा सके। मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों से कहा कि खेती-किसानी से जुड़े किसी भी मुद्दे पर प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही आग लगने जैसी आपात स्थिति में किसानों से 101 अथवा यूपी-112 पर तत्काल संपर्क करने की अपील की। बैठक में किसान नेता महेंद्र शर्मा, कमलेश लंबरदार, राजेश कुमार बिरगुंआ, सुनील रिछारिया, सुरेंद्र पुरातिनी सहित अन्य किसानों ने भी अपनी समस्याएं रखीं और समयबद्ध समाधान की मांग की। किसान दिवस का संचालन उप कृषि निदेशक बुद्ध देव द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी, लघु सिंचाई, उद्यान, पशुपालन विभाग, बीमा कंपनी तथा अन्य विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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