
मुंबई। महाराष्ट्र में सामूहिक खेती को नई दिशा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘सत्यमेव जयते फार्मर कप 2026’ को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कृषि परिवर्तन का एक व्यापक जनआंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि किसानों में आत्मविश्वास, सहयोग और आधुनिक खेती की सोच विकसित करने वाला अभियान है। उन्होंने विश्वास जताया कि आज बने 18 हजार किसान समूह आने वाले समय में 50 लाख किसानों को एकजुट कर महाराष्ट्र में कृषि क्रांति का आधार बनेंगे। सोमवार को मुख्यमंत्री वर्षा निवास पर पानी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित ‘फार्मर कप 2026’ के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे, राज्यमंत्री एडवोकेट आशीष जायसवाल, पानी फाउंडेशन के संस्थापक अभिनेता आमिर खान, कृषि विभाग एवं ग्राम विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा राज्यभर के हजारों किसान ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। इस दौरान ‘स्मार्ट शेती ऐप’ का भी लोकार्पण किया गया। कृषि विभाग के सचिव परिमल सिंह ने बताया कि 26 अगस्त 2025 से राज्य के 46 तालुकों में फार्मर कप अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से किसानों को सामूहिक खेती, आधुनिक तकनीक और संसाधनों के साझा उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सामूहिक खेती से बढ़ी पैदावार और बचा हजारों करोड़ रुपये का खर्च
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पिछले वर्ष फार्मर कप में शामिल किसान समूहों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की। सोयाबीन, कपास और मक्का जैसी प्रमुख फसलों के उत्पादन में औसतन 71 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं सामूहिक खरीद प्रणाली अपनाने से किसानों ने कृषि आदानों पर लगभग 1,584 करोड़ रुपये की बचत की, जबकि सामूहिक श्रम के कारण प्रति एकड़ करीब 6 हजार रुपये की मजदूरी बची। उन्होंने कहा कि समूह आधारित खेती से उत्पादन लागत कम होती है और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि विधानसभा में जल्द ही महिला किसान विधेयक लाया जाएगा, जिसके तहत जिन महिलाओं के नाम पर भूमि नहीं है, उन्हें भी आधिकारिक किसान का दर्जा दिया जाएगा।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से खेती में बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन रहा है, जो खेती में बड़े स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करेगा। महाविस्तार ऐप और फार्मर कप से प्राप्त आंकड़ों को एकीकृत कर किसानों को वैज्ञानिक एवं सटीक सलाह उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही फार्मर कप से मिले अनुभवों के आधार पर राज्य की कृषि नीतियों में भी आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की विभिन्न योजनाओं का समन्वित उपयोग किया जाए तो समूह खेती को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
एल-नीनो की चुनौती से निपटने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष एल-नीनो के कारण सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में किसानों को जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए खेत तालाब, नालों की सफाई, गाद निकालने और जल संग्रहण संरचनाओं की मरम्मत जैसे कार्य तत्काल शुरू करने चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘जलयुक्त शिवार’ जैसी योजनाओं ने पहले भी सूखे से राहत दिलाई थी और इस बार भी जल संरक्षण सबसे बड़ा हथियार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि फार्मर कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसान समूहों के गांवों का वे स्वयं दौरा करेंगे।
लोक सहभागिता से बढ़ेगी किसानों की समृद्धि : दत्तात्रेय भरणे
कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा कि सामूहिक खेती से उत्पादन और किसानों की आय दोनों में वृद्धि संभव है। उन्होंने विशेष रूप से उन महिला किसान समूहों की सराहना की जिन्होंने अपनी जमीन न होने के बावजूद एकजुट होकर खेती का सफल मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में कर्ज राहत, बिजली रियायत तथा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विकसित भारत के लिए किसान का समृद्ध होना जरूरी : आमिर खान
पानी फाउंडेशन के संस्थापक अभिनेता आमिर खान ने कहा कि यदि विकसित भारत का सपना साकार करना है तो सबसे पहले किसानों को समृद्ध और सशक्त बनाना होगा। उन्होंने बताया कि फार्मर कप के माध्यम से पूरे महाराष्ट्र में 18 हजार से अधिक किसान समूह तैयार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान में मेंटर्स (मार्गदर्शकों) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिस प्रकार एक अच्छा शिक्षक विद्यार्थियों का भविष्य बनाता है, उसी प्रकार मार्गदर्शक किसान समूहों को सही दिशा देकर उनकी सफलता सुनिश्चित करेंगे। आमिर खान ने कहा कि यह अभियान डिजिटल तकनीक और प्रत्यक्ष संवाद का प्रभावी संगम है। डिजिटल माध्यम कम लागत में अधिक लोगों तक पहुंच बनाता है, जबकि व्यक्तिगत संवाद विश्वास पैदा करता है। उन्होंने किसानों से जल संरक्षण कार्यों में तेजी लाने तथा अगले 15 दिनों के भीतर अधूरे कार्य पूरे करने का आह्वान किया।
महिला किसान समूहों और किसानों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों के किसान समूहों और कृषि अधिकारियों से सीधा संवाद भी किया। 16 महिलाओं द्वारा 24 एकड़ में सामूहिक खेती करने वाली किसान चैत्राली ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। नंदुरबार, नासिक, चंदगढ़, ठाणे, महाड, पुणे, परभणी और भंडारा सहित कई जिलों के किसानों और कृषि अधिकारियों ने सामूहिक खेती से हुए लाभ, उत्पादन वृद्धि, लागत में कमी और जल संरक्षण के अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में पानी फाउंडेशन, सह्याद्री फार्म्स, टाटा मोटर्स फाउंडेशन, कोइटा फाउंडेशन तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार, पानी फाउंडेशन, कृषि विभाग और किसानों के संयुक्त प्रयासों से अगले पांच से सात वर्षों में महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि फार्मर कप में शामिल हर किसान पहले से ही विजेता है और यह अभियान राज्य की कृषि समृद्धि का नया अध्याय लिखेगा।



