
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने चंद्रपुर जिले में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए व्यापक कार्रवाई और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे ने विधानसभा में जानकारी देते हुए कहा कि चंद्रपुर जैसे अत्यधिक प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्र के लिए शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म लक्ष्यों पर आधारित एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। गुरुवार को विधानसभा में सदस्य सुधीर मुनगंटीवार द्वारा कोल वॉशरी, कोयला खदानों, सीमेंट उद्योगों और थर्मल पावर परियोजनाओं से होने वाले प्रदूषण का मुद्दा उठाए जाने पर मंत्री मुंडे ने कहा कि उन्होंने स्वयं चंद्रपुर का दौरा कर प्रभावित गांवों, उद्योगों और कोल वॉशरी क्षेत्रों का निरीक्षण किया है। वहां प्रदूषण की गंभीर स्थिति और नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को प्रत्यक्ष रूप से महसूस किया गया।
महामाया कोल वॉशरी को क्लोजर नोटिस
मंत्री पंकजा मुंडे ने बताया कि प्रदूषण संबंधी सुनवाई में अनुपस्थित रहने के कारण महामाया कोल वॉशरी को तत्काल प्रभाव से क्लोजर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उद्योगों से होने वाले प्रदूषण के कारण किसानों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति कार्यरत है। समिति के निर्देशों का पालन संबंधित उद्योगों के लिए अनिवार्य होगा और प्रभावित किसानों को उचित सहायता दिलाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास करेगा।
थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स का होगा पर्यावरण ऑडिट
सरकार ने चंद्रपुर क्षेत्र के सभी थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स का पर्यावरणीय ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। फ्लाई ऐश प्रबंधन, कोयला परिवहन, सड़कों पर उड़ने वाली धूल और श्वसन रोगों के कारणों की जांच कर कठोर उपाय लागू किए जाएंगे। साथ ही जिन परियोजनाओं में फ्ल्यू गैस डीसल्फराइजेशन (FGD) प्रणाली आवश्यक है, वहां इसे अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। पंकजा मुंडे ने कहा कि केवल नोटिस जारी करना या बैंक गारंटी जब्त करना पर्याप्त नहीं है। उद्योगों को भी प्रदूषण नियंत्रण की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होना होगा। सरकार का उद्देश्य उद्योग बंद करना नहीं, बल्कि रोजगार को सुरक्षित रखते हुए पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है।
बनेगी विशेषज्ञ समिति
प्रदूषण नियंत्रण उपायों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बैंक गारंटी की राशि बढ़ाने के संबंध में एक विशेष समिति गठित की जाएगी। इस समिति में जनप्रतिनिधियों, आईआईटी पवई के विशेषज्ञों तथा स्वच्छ तकनीक अपनाने वाले उद्योग प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। मंत्री मुंडे ने बताया कि कोल वॉशरी और खदानों से प्रभावित क्षेत्रों में हरित पट्टियों का विकास, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, क्षतिग्रस्त भूमि के पुनर्वास तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित गांवों के पुनर्वास जैसे मुद्दों पर भी सरकार गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए राजस्व, उद्योग और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर नीति आधारित निर्णय लिए जाएंगे। विधानसभा में इस विषय पर हुई चर्चा में आदित्य ठाकरे, किशोर जोरगेवार, नाना पटोले, राजेश पवार, देवराव भोंगले, भास्कर जाधव और ज्योति गायकवाड़ सहित कई सदस्यों ने भाग लिया और चंद्रपुर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।



