
34 करोड़ रुपए का खाद्य भंडार और 5.52 करोड़ रुपए की दवाएं जब्त
मुंबई। महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला तथा खाद्य एवं औषधि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर 25 मई से 24 जून 2026 के बीच राज्यभर में 446 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 5 करोड़ 55 लाख 5 हजार 294 रुपए मूल्य का प्रतिबंधित माल जब्त किया गया। इस दौरान 457 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 42 वाहनों को भी जब्त किया गया। एफडीए अधिकारियों ने मुंबई, कोकण, पुणे, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर, अमरावती और नागपुर विभागों में व्यापक कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाले के कारोबार में संलिप्त विक्रेताओं तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
विभागवार कार्रवाई: कोकण विभाग में 155 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर ₹28.77 लाख मूल्य का माल जब्त किया गया और 156 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
बृहन्मुंबई विभाग में 90 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के दौरान ₹39.02 लाख का माल जब्त कर 89 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
नाशिक विभाग में 31 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 1.43 करोड़ रुपए मूल्य का माल जब्त किया गया तथा 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
नागपुर विभाग में 38 प्रतिष्ठानों की जांच कर 96.88 लाख रुपए का माल जब्त किया गया और 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुणे विभाग में 87 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए 84.89 लाख रुपए का प्रतिबंधित माल जब्त किया गया।
छत्रपति संभाजीनगर विभाग में 38 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के दौरान 96.88 लाख रुपए मूल्य का माल और 13 वाहन जब्त किए गए।
अमरावती विभाग में 25 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 1.14 करोड़ रुपए मूल्य का माल जब्त किया गया।
इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 123, 223, 274 और 275 के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
खाद्य पदार्थों पर भी बड़ी कार्रवाई, 29.11 करोड़ रुपए का माल जब्त
एफडीए द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत राज्यभर में 431 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान आम, दूध एवं दुग्धजन्य पदार्थ, रेडी-टू-सर्व फलों के पेय, रंग मिश्रित सुपारी, चाय पाउडर, पैकेज्ड पेयजल, खोवा, बेकरी उत्पाद, कैंडी, गुड़, खाद्य तेल, घी, खजूर, आइसक्रीम, फ्रोजन डेजर्ट और मसाला उत्पादों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान लगभग 22 लाख 4 हजार 182 किलोग्राम खाद्य पदार्थ एवं कच्चा माल जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 29 करोड़ 11 लाख 85 हजार 330 रुपए है। जब्त किए गए नमूनों को परीक्षण हेतु प्रयोगशालाओं में भेजा गया है।
औषधि एवं चिकित्सा उपकरणों पर भी शिकंजा, 5.52 करोड़ रुपए का माल जब्त
एफडीए महाराष्ट्र ने 29 मई से 24 जून 2026 के बीच औषधियों, चिकित्सा उपकरणों, भ्रामक विज्ञापनों, मादक पदार्थों से संबंधित दवाओं तथा बिना लाइसेंस दवा निर्माण और बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। राज्य के 14 जिलों में 55 विशेष छापेमारी अभियान चलाकर कुल 5.52 करोड़ रुपए मूल्य के उत्पादों पर जब्ती अथवा प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
भ्रामक विज्ञापनों पर कार्रवाई
औषधि एवं जादुई उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 के तहत 31 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। विभिन्न आयुर्वेदिक उत्पादों के भ्रामक और गुमराह करने वाले विज्ञापनों की जांच कर लगभग 95 प्रकार के 297 उत्पादों पर कार्रवाई की गई तथा 55.57 लाख रुपए मूल्य की दवाएं जब्त की गईं।
पुणे शराब विषाक्तता मामले में मिथेनॉल जब्त
पुणे में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में जांच के दौरान भिवंडी स्थित रेक्स इंटरनेशनल से मिथेनॉल की आपूर्ति होने का खुलासा हुआ। एफडीए ने छापा मारकर 5,929 किलोग्राम मिथेनॉल जब्त किया जिसकी कीमत लगभग 3.60 लाख रुपए है। संबंधित आपूर्तिकर्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।
मेडिकल ग्लव्स और चिकित्सा उपकरणों पर कार्रवाई
मुंबई, भिवंडी और पालघर में मेडिकल डिवाइस नियम, 2017 के उल्लंघन के मामलों में बड़ी कार्रवाई की गई।
मुंबई के साकीनाका स्थित साची मेडिक में बिना वैध लाइसेंस के आयातित नाइट्राइल और लेटेक्स ग्लव्स का भंडारण एवं बिक्री करते पाए जाने पर 74.85 लाख रुपए मूल्य का माल जब्त किया गया। भिवंडी स्थित उत्पादन इकाई में अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियों में ग्लव्स की री-पैकिंग किए जाने तथा गुणवत्ता मानकों का पालन न करने पर 9.88 लाख रुपए मूल्य का माल प्रतिबंधित कर उत्पादन बंद करने के आदेश दिए गए। पालघर जिले के वाडा स्थित मेडिअर्थ लाइफकेयर प्रा. लि. में बिना स्टरलाइजेशन प्रक्रिया के नॉन-स्टरल ग्लव्स को स्टरल बताकर बेचने का मामला सामने आया। यहां से 1.26 करोड़ रुपए मूल्य का चिकित्सा सामग्री का स्टॉक जब्त किया गया। साथ ही बिना लाइसेंस रखी गई 6.17 लाख रुपए मूल्य की एलोपैथिक दवाएं भी जब्त की गईं।
बिना लाइसेंस दवा निर्माण और बिक्री पर कार्रवाई
राज्यभर में 10 स्थानों पर छापेमारी कर बिना लाइसेंस दवा निर्माण, भंडारण और बिक्री के मामलों में 2.07 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का दवा स्टॉक जब्त किया गया। नागपुर, अहमदनगर, कोल्हापुर, सातारा, मुंबई, भिवंडी, गोवंडी और सावनेर सहित विभिन्न क्षेत्रों में की गई कार्रवाई में कई आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए।
एनडीपीएस कानून के तहत कार्रवाई
नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुणे में 10,492 ट्रामाडोल कैप्सूल तथा धुले में 410 कोडीन युक्त सिरप की बोतलें जब्त की गईं। दोनों मामलों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
नकली दवाओं और कॉस्मेटिक्स पर कार्रवाई
नागपुर में नकली दवाओं का स्टॉक मिलने पर भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया। पुणे में प्रसिद्ध कॉस्मेटिक ब्रांड Cetaphil के नकली उत्पाद जब्त किए गए। इसके अलावा नकली Chymoral Forte तथा आयुर्वेदिक दवा KAAMRAJ Capsule के नाम पर एलोपैथिक दवा Tadalafil बेचने के मामलों का भी खुलासा हुआ है। इन मामलों में अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी है।
लेबलिंग नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
औषधियों की लेबलिंग संबंधी नियमों के उल्लंघन के मामलों में 33 लाख रुपए से अधिक मूल्य के उत्पादों पर कार्रवाई की गई। इस संबंध में सिपला कंपनी को उत्पाद वापस मंगाने (रिकॉल) का नोटिस भी जारी किया गया है। एफडीए ने नागरिकों से अपील की है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता या सुरक्षा संबंधी किसी भी शिकायत के लिए FoSCoS पोर्टल, Food Safety Connect App अथवा टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-222-365 पर शिकायत दर्ज कराएं।
एफडीए का कहना है कि ‘सेफ फूड, सेफ ड्रग, सेफ महाराष्ट्र’ अभियान के तहत जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।



