
इन्द्र यादव/ठाणे। ई-कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अमेज़न के भिवंडी स्थित वेयरहाउस में कथित तौर पर एक्सपायर्ड और खराब खाद्य सामग्री को दोबारा पैक कर बाजार में बेचने की तैयारी किए जाने का मामला सामने आया है। कोंगांव पुलिस की कार्रवाई में इस कथित रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हितों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई जांच में पता चला कि वेयरहाउस में बड़ी मात्रा में एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पाद रखे गए थे। नियमानुसार ऐसे उत्पादों को नष्ट किया जाना चाहिए था, लेकिन आरोप है कि उन्हें नष्ट करने के बजाय नए पैकेजिंग के माध्यम से दोबारा बाजार में भेजने की तैयारी की जा रही थी। प्राथमिक जांच में आरके ट्रेडर्स के संचालक रहमान और अमेज़न वेयरहाउस के फैसिलिटी मैनेजर सोमशेखर बसवराज कोन्नूर का नाम सामने आया है। आरोप है कि खाद्य सामग्री के निपटान (डिस्पोजल) को लेकर अधिकारियों को गुमराह करने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत किए गए थे। दस्तावेजों में सामान को नष्ट दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में उसे पुनः बिक्री के लिए तैयार किया जा रहा था। कोंगांव पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। आरोपियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कथित रूप से कितनी मात्रा में खराब या एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बाजार में पहुंचाई गई और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। वेयरहाउस के रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और वितरण संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद भिवंडी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मामले में पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



