
देवेश प्रताप सिंह राठौर/झांसी, प्रदेश। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. सचिन माहुर की कार्यशैली और प्रशासनिक दक्षता की मरीजों तथा उनके परिजनों द्वारा लगातार सराहना की जा रही है। मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं का जायजा लेने और मरीजों से सीधे संवाद करने के दौरान कई मरीजों एवं तीमारदारों ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और प्रबंधन व्यवस्था को संतोषजनक बताया।मरीजों का कहना है कि डॉ. सचिन माहुर के नेतृत्व में अस्पताल में व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है। ओपीडी से लेकर वार्डों तक मरीजों को आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाती है और उन्हें विभागों की जानकारी के लिए अनावश्यक भागदौड़ का सामना नहीं करना पड़ता। अस्पताल परिसर में कर्मचारियों द्वारा मरीजों का मार्गदर्शन किया जाता है, जिससे उन्हें उपचार संबंधी प्रक्रियाओं में सुविधा मिलती है। कई मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रयासरत रहता है। उनका कहना है कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और योजनाओं का लाभ मरीजों तक पहुंचाने के लिए व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से संचालित की जा रही हैं।अस्पताल के कर्मचारियों और प्रशिक्षु चिकित्सकों के प्रति डॉ. माहुर के व्यवहार की भी प्रशंसा की गई। बताया जाता है कि वह अपने अधीनस्थ स्टाफ को मरीजों और उनके परिजनों के साथ संयमित एवं संवेदनशील व्यवहार करने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि चिकित्सा सेवा केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और सहानुभूति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मरीजों का कहना है कि चिकित्सा के साथ यदि मानवीय व्यवहार और संवेदनशीलता जुड़ जाए तो रोगी को मानसिक संबल मिलता है, जो उसके स्वास्थ्य लाभ में भी सहायक होता है। अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को इसी भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है। स्थानीय लोगों और मरीजों का मानना है कि बेहतर प्रबंधन, अनुशासन, सेवा भावना और मरीजों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण डॉ. सचिन माहुर की कार्यशैली की चर्चा मेडिकल कॉलेज परिसर के साथ-साथ आम जनमानस में भी हो रही है।



