
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। औरास थाना क्षेत्र में सर्राफा व्यापारी से हुई लाखों रुपये की लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने सफल खुलासा करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। एसओजी, सर्विलांस और थाना औरास पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से करीब आठ किलो चांदी के जेवरात, बिक्री से प्राप्त 4.50 लाख रुपये नकद तथा वारदात में प्रयुक्त फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल बरामद की गई है।मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने बताया कि 8 जून को रामपुर खंझड़ी निवासी सर्राफा व्यापारी प्रभात कुमार ने थाना औरास में तहरीर देकर बताया था कि वह सीसी चौराहा स्थित अपनी दुकान बंद कर चांदी के आभूषणों से भरा बैग लेकर घर लौट रहे थे। शाम करीब सात बजे रास्ते में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार बदमाशों ने उन्हें रोककर बैग लूट लिया और मौके से फरार हो गए थे।घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों को जांच में लगाया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि घटनास्थल से लगभग 16 किलोमीटर के दायरे में कोई सीसीटीवी कैमरा उपलब्ध नहीं था। इसके बावजूद तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंजीत यादव, चंद्रशेखर पाल उर्फ चंदू तथा आशीष कुमार उर्फ मुकेश के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने वारदात को अंजाम देने से पहले कई महीनों तक व्यापारी की गतिविधियों की रेकी की थी। रंजीत यादव ने लगभग पांच माह पूर्व व्यापारी की दुकान, उसके आने-जाने के रास्ते और दिनचर्या की जानकारी जुटाई थी। इसके बाद लगातार कई दिनों तक निगरानी कर सुनियोजित तरीके से लूट की घटना को अंजाम दिया गया।एसएसपी ने बताया कि यह गिरोह विशेष रूप से उन व्यापारियों को निशाना बनाता था, जिनकी दुकानों में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था या तिजोरी नहीं होती थी। आरोपी ऐसे स्थानों का चयन करते थे जहां सीसीटीवी कैमरे न हों और वारदात के बाद नहर पटरी या सुनसान रास्तों के जरिए आसानी से फरार हुआ जा सके। पहचान छिपाने के लिए बदमाश वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते थे।जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल का नंबर भी फर्जी था। वाहन के इंजन और चेसिस नंबर की जांच के बाद उसका वास्तविक पंजीकरण नंबर सामने आया, जिसके आधार पर मुकदमे में फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ी से संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ हत्या, लूट, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और उनसे जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है।लूटकांड के सफल अनावरण पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त पुलिस टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

