
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के ग्राम रोजगार सहायकों की लंबित मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द राहत देने का आश्वासन दिया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और रोजगार गारंटी योजना मंत्री भारत गोगावले ने कहा कि मानदेय, सेवा सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा। सोमवार को मंत्रालय में ग्राम रोजगार सेवक संगठन के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मंत्रियों ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवारसे चर्चा कर ग्राम रोजगार सहायकों की विभिन्न मांगों का सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा।
मानदेय और सेवा सुरक्षा पर चर्चा
बैठक में मानदेय वितरण में हो रही देरी, सेवा सुरक्षा, नियुक्ति और सेवा समाप्ति के अधिकार, सरकारी पहचान पत्र तथा अन्य प्रशासनिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।मंत्रियों ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना(मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्राम रोजगार सहायकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यों का रिकॉर्ड, मजदूरों का पंजीकरण, रोजगार उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विकास कार्यों की निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं।
लगभग 29 हजार ग्राम रोजगार सहायकों को लाभ
बैठक में बताया गया कि राज्य के 29,473 ग्राम रोजगार सहायकों के लिए 3 अक्टूबर 2024 के शासन निर्णय के अनुसार प्रति माह 8,000 रुपये का निश्चित मानदेय, प्रोत्साहन राशि, यात्रा भत्ता और डेटा पैक भत्ता निर्धारित किया गया है। मंत्रियों ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निश्चित मानदेय के साथ कार्य निष्पादन के न्यूनतम मानदंड भी स्पष्ट रूप से तय किए जाएं।
सरकारी पहचान पत्र और प्रशासनिक अधिकार
संगठन की मांग के अनुसार ग्राम रोजगार सहायकों की नियुक्ति और सेवा समाप्ति के अधिकार जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न सरकारी कार्यों के दौरान आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए ग्राम रोजगार सहायकों को सरकारी पहचान पत्र (आईडी कार्ड) उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी सिद्धांततः मंजूरी दे दी गई है। बैठक में ग्राम रोजगार सेवक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप माने सहित संगठन के पदाधिकारी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्रियों ने कहा कि ग्राम रोजगार सहायक राज्य की रोजगार गारंटी योजना की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनके हितों से जुड़े निर्णयों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा।



