HomeMaharashtraमहाराष्ट्र लोकभवन में मनाया गया पश्चिम बंगाल राज्य स्थापना दिवस

महाराष्ट्र लोकभवन में मनाया गया पश्चिम बंगाल राज्य स्थापना दिवस

मुंबई। पश्चिम बंगाल की उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुति के लिए राज्यपाल ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर सोलापुर विश्वविद्यालय की सराहना की। मुंबई स्थित महाराष्ट्र लोकभवन में शनिवार को पश्चिम बंगाल राज्य स्थापना दिवस सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न भागों में निवास कर रहे पश्चिम बंगाल के नागरिकों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर सोलापुर विश्वविद्यालय के मराठी भाषी विद्यार्थियों द्वारा बंगाली गीतों एवं नृत्यों के माध्यम से प्रस्तुत उत्कृष्ट सांस्कृतिक कार्यक्रम की राज्यपाल ने विशेष प्रशंसा की तथा विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों को बधाई दी। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि का वीडियो संदेश प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल भले ही एक-दूसरे से लगभग दो हजार किलोमीटर दूर हों, लेकिन दोनों राज्यों के लोगों की अस्मिता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय भावना समान है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों को इतिहास, संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्रवाद की भावना ने एक सूत्र में बाँध रखा है। दोनों राज्यों ने गौरांग महाप्रभु, संत तुकाराम, अहिल्यादेवी होळकर और स्वामी विवेकानंद जैसी महान विभूतियाँ देश को दी हैं। राज्यपाल ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी दोनों राज्यों ने देश को महत्वपूर्ण नेतृत्व प्रदान किया। बंगाल ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस और बिपिन चंद्र पाल जैसे महान नेता दिए, जबकि महाराष्ट्र ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, गोपाल कृष्ण गोखले सहित अनेक राष्ट्रीय नेताओं को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बंगाल साहित्य और संस्कृति के प्रति समर्पित राज्य है, उसी प्रकार महाराष्ट्र भी साहित्य और संस्कृति प्रेमियों की भूमि है। बंगाल ने साहित्य और संगीत के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह प्रसिद्ध उक्ति है कि “आज बंगाल जो सोचता है, देश कल वही सोचता है।” उन्होंने कहा कि बंगाल की महान संतानों ने देश को ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ जैसे राष्ट्रीय गीत प्रदान किए हैं। राज्यपाल ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है, जबकि कोलकाता सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विख्यात है। उन्होंने बंगाली भाषा को अत्यंत मधुर बताते हुए कहा कि यह रसगुल्ले की तरह मीठी है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने दुर्गा पूजा पर आधारित गीत ‘हेलो गिरी सुनो खबर’, पश्चिम बंगाल की महान विभूतियों की गाथा पर आधारित एकल अभिनय, लोकनृत्य तथा कथक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर सोलापुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाने वाला संगीत एवं नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश महानवर, राज्यपाल के सह सचिव एस. राममूर्ति, सांस्कृतिक समन्वयक, लोकभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा मुंबई की विभिन्न शालाओं के विद्यार्थी उपस्थित थे।

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