
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। उन्नाव जिले में ओवरलोड वाहनों, बिना नंबर प्लेट चलने वाले वाहनों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग का विशेष अभियान लगातार जारी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर परिवहन विभाग, खनन विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टास्क फोर्स गठित कर मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कार्रवाई की जा रही है। एआरटीओ (प्रवर्तन) संजीव कुमार ने बताया कि टास्क फोर्स द्वारा प्रत्येक दूसरे दिन रात्रि में औचक निरीक्षण किया जा रहा है, जबकि प्रमुख चेक प्वाइंटों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। 1 अप्रैल से अब तक बिना नंबर प्लेट वाले लगभग 750 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहीं ओवरलोडिंग के आरोप में करीब 250 वाहनों का चालान कर उन्हें सीज किया गया है। क्षमता से अधिक माल ढोने के लिए वाहनों की बॉडी बढ़ाने वाले लगभग 170 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई है। इसके अलावा नो-पार्किंग में खड़े वाहनों और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर 125 वाहनों पर कार्रवाई की गई। इस अभियान से अब तक लगभग 2 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। एआरटीओ ने बताया कि ओवरलोडिंग में पहले की तुलना में काफी कमी आई है और सड़कों पर ऐसे वाहन कम दिखाई दे रहे हैं। विभाग का लक्ष्य ओवरलोडिंग को पूरी तरह समाप्त करना है। बिना नंबर प्लेट या नंबर छिपाकर चलने वाले डंपर और ट्रकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। नंबर प्लेट पर कालिख पोतने, कीचड़ लगाने या नंबर अधूरा प्रदर्शित करने जैसी शिकायतों पर पहले चालान और फिर वाहन सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। अब तक ऐसे 724 डंपर और ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। यातायात नियमों के अन्य उल्लंघनों पर भी लगातार कार्रवाई जारी है, जिसके तहत 2066 लोगों के चालान किए गए हैं। एआरटीओ ने कहा कि रात्रिकालीन अभियान आगे भी जारी रहेगा और ओवरलोडिंग तथा नियम तोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।



