
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। जिला अधिवक्ता संघ के आगामी चुनाव को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पं. उमा शंकर तिवारी (मोछा गुरु) ने अधिवक्ता समुदाय के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता साथियों के लगातार स्नेह, विश्वास और आग्रह के कारण वे एक बार फिर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं। उनका उद्देश्य अधिवक्ताओं के सम्मान, सुरक्षा, सुविधाओं और अधिकारों को सुनिश्चित करना है, साथ ही कचहरी परिसर में वर्षों से लंबित आवश्यक कार्यों को पूरा कराना है। उन्होंने अपने चुनावी अभियान “मिशन 2026 : अधिवक्ता सम्मान और सुरक्षा” के तहत कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
गरिमा के साथ आधुनिक बुनियादी सुविधाएं
पं. तिवारी ने कहा कि कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं के लिए व्यवस्थित एवं सुरक्षित वाहन पार्किंग की व्यवस्था उनकी प्राथमिकता होगी, जिससे जाम और अव्यवस्था की समस्या समाप्त हो सके। इसके अलावा अधिवक्ताओं के बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में नई बेंचों एवं सम्मानजनक बैठक व्यवस्था की जाएगी। पूरे परिसर में शुद्ध एवं ठंडे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े आरओ वाटर टैंक स्थापित कराए जाएंगे।
स्वास्थ्य सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेडिकल सुविधाओं को सुदृढ़ बनाया जाएगा। वर्तमान में उपलब्ध चिकित्सकीय व्यवस्था का विस्तार करते हुए कैंपस में डॉक्टरों की संख्या एक से बढ़ाकर तीन की जाएगी, ताकि किसी भी दुर्घटना, बीमारी अथवा मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में अधिवक्ताओं को तत्काल उपचार उपलब्ध हो सके।
सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा का मजबूत कवच
पं. उमा शंकर तिवारी ने अधिवक्ताओं और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने घोषणा की कि किसी भी अधिवक्ता साथी की दुर्घटना अथवा असामयिक मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को तत्काल कम से कम दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए विशेष दुर्घटना राहत कोष का गठन किया जाएगा।
युवा अधिवक्ताओं के लिए सम्मानजनक मानदेय की मांग
उन्होंने कहा कि युवा एवं संघर्षरत अधिवक्ताओं को आर्थिक संबल प्रदान करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए सरकार से प्रति माह ₹4,000 से ₹5,000 तक का अधिवक्ता सम्मान मानदेय सुनिश्चित कराने हेतु व्यापक आंदोलन और प्रभावी पैरवी की जाएगी। उनका लक्ष्य अगले पांच वर्षों तक युवा अधिवक्ताओं को यह सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे आर्थिक दबाव से मुक्त होकर न्यायिक सेवा में बेहतर योगदान दे सकें। पं. उमा शंकर तिवारी ने कहा कि उनका चुनाव केवल एक पद प्राप्त करने का प्रयास नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने सभी अधिवक्ता साथियों से समर्थन और आशीर्वाद की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से जिला अधिवक्ता संघ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
“आपका विश्वास ही हमारी ताकत, अधिवक्ताओं का सम्मान ही हमारा लक्ष्य।”



