
मुंबई। महाराष्ट्र में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के अंतर्गत महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी और उदैती फाउंडेशन के बीच एक सामंजस्य समझौता (एमओयू) किया गया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि इस समझौते से राज्य में ‘महिला उद्यमिता स्टार्टअप हब’ की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साझेदारी के तहत उदैती फाउंडेशन तकनीकी और ज्ञान साझेदार के रूप में कार्य करेगा। महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच, व्यवसायिक मार्गदर्शन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य भी किया जाएगा। इससे राज्य में महिला उद्यमियों के लिए अनुकूल और प्रेरक वातावरण तैयार होगा। यह समझौता कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीकांत पाटील तथा उदैती फाउंडेशन की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी पूजा शर्मा गोयल ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। प्रस्तावित महिला उद्यमिता स्टार्टअप हब राज्य की स्टार्टअप पारिस्थितिकी में समन्वयकारी मंच के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों, उद्योग जगत, निवेशकों और सहयोगी संस्थाओं को एक साथ जोड़कर महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए एक विशेष ‘एक्सेलेरेटर मॉडल’ विकसित किया जाएगा, जिसके जरिए मार्गदर्शन, निवेश, बाजार संपर्क, उद्योग आवश्यकताओं की जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा राज्य में महिला उद्यमिता की प्रगति का आकलन करने के लिए महिला स्टार्टअप इंडेक्स विकसित किया जाएगा। इस इंडेक्स के माध्यम से जिलावार और विभागवार आंकड़ों के आधार पर महिला उद्यमिता की स्थिति का मूल्यांकन किया जा सकेगा। इससे साक्ष्य-आधारित नीतियों के निर्माण को मजबूती मिलेगी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा। सरकार विभिन्न विभागों और जिलों के प्रदर्शन की निगरानी के लिए एक गवर्नेंस डैशबोर्ड भी विकसित करेगी, जिससे आंकड़ों के आधार पर समयबद्ध निर्णय लेना आसान होगा। साथ ही ‘वी इंडेक्स’ (WE Index) के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न सरकारी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए एक अंतर-विभागीय संचालन समिति गठित करने की भी योजना है। उदैती फाउंडेशन देश में महिलाओं की कार्यबल और उद्यमिता में भागीदारी बढ़ाने के लिए कार्यरत है। संस्था का लक्ष्य उन करोड़ों महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना है जो रोजगार योग्य होने के बावजूद कार्यबल से बाहर हैं। इसके तहत महिलाओं के लिए उद्यमिता पारिस्थितिकी को मजबूत करने, रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने तथा आवास और बाल देखभाल जैसी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।



