HomeArchitectureनागपुर कृषि उपज मंडी को मिला ‘राष्ट्रीय महत्व का बाजार’ का दर्जा,...

नागपुर कृषि उपज मंडी को मिला ‘राष्ट्रीय महत्व का बाजार’ का दर्जा, किसानों को मिलेगा देशव्यापी बाजार का लाभ

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति को ‘राष्ट्रीय महत्व का बाजार’ घोषित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने पुणे स्थित महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन मंडल कार्यालय से नागपुर राष्ट्रीय महत्व के बाजार का औपचारिक कार्यभार संभाला। इस अवसर पर विधायक चरण सिंह ठाकुर, विपणन निदेशक शरद जरे तथा बाजार के सचिव दिनेश चंदेल उपस्थित थे।
किसानों के लिए बड़ा अवसर
नागपुर कृषि उपज मंडी में प्रतिवर्ष चार लाख मीट्रिक टन से अधिक कृषि उत्पादों का कारोबार होता है और देश के 11 राज्यों से यहां कृषि उपज पहुंचती है। इसी आधार पर इसे राष्ट्रीय महत्व का दर्जा प्रदान किया गया है। इससे विशेष रूप से विदर्भ क्षेत्र के किसानों को राष्ट्रीय स्तर की व्यापक बाजार व्यवस्था उपलब्ध होगी और नागपुर का कृषि व्यापार देश के प्रमुख कृषि बाजार नेटवर्क से अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ सकेगा। यह निर्णय महाराष्ट्र कृषि उपज बाजार समिति अधिनियम में 31 दिसंबर 2025 को किए गए संशोधनों के बाद लागू किया गया है।
नागपुर को कृषि व्यापार का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने का लक्ष्य
कार्यभार ग्रहण करते हुए मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि सरकार नागपुर को भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कृषि व्यापार केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। उनका कहना था कि किसानों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंच दिलाकर उनकी उपज के लिए बेहतर और प्रतिस्पर्धी मूल्य सुनिश्चित करना इस निर्णय का प्रमुख उद्देश्य है।
विशेष प्रबंधन समिति का गठन
राष्ट्रीय महत्व के बाजार के संचालन के लिए विपणन मंत्री की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की गई है। इस समिति में कृषि एवं विपणन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय और अन्य राज्यों के किसान प्रतिनिधि, व्यापारी प्रतिनिधि तथा विशेषज्ञ सदस्य शामिल होंगे।
11 राज्यों से आता है कृषि माल
नागपुर बाजार समिति के कार्यक्षेत्र में मुख्य मंडी के साथ कळमना और अन्य उपबाजार शामिल हैं। यहां मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक सहित 11 राज्यों से कृषि उपज आती है। मंडी में कपास, सोयाबीन, संतरा, मोटे अनाज और सब्जियों का बड़े पैमाने पर व्यापार होता है। वर्ष 2024-25 में इस बाजार समिति ने 62 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है।
व्यापार को मिलेगी नई गति
इस निर्णय के बाद- पूरे महाराष्ट्र के लिए एकीकृत व्यापार लाइसेंस की सुविधा मिलेगी। अंतरराज्यीय ई-ट्रेडिंग को बढ़ावा मिलेगा।
अन्य राज्यों के व्यापारी सीधे व्यापार कर सकेंगे। किसानों और व्यापारियों को अधिक प्रतिस्पर्धी बाजार उपलब्ध होगा।
साथ ही व्यापारिक लेनदेन से जुड़े विवादों के त्वरित समाधान के लिए 30 दिनों के भीतर निपटारे वाली विशेष फास्ट-ट्रैक प्रणाली भी लागू की गई है। सरकार का मानना है कि इस पहल से नागपुर न केवल विदर्भ बल्कि पूरे मध्य भारत के प्रमुख कृषि व्यापार केंद्र के रूप में उभरेगा और किसानों को बेहतर मूल्य, अधिक खरीदार तथा राष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच प्राप्त होगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments