
मुंबई। मराठा आरक्षण से संबंधित कार्यों को अधिक प्रभावी और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार विशेष मराठा आरक्षण कक्ष स्थापित करेगी। साथ ही आरक्षण संबंधी अभिलेखों की खोज, कुणबी जाति प्रमाणपत्र, जाति सत्यापन प्रमाणपत्र और अन्य प्रक्रियाओं में नागरिकों की सहायता के लिए जिला कलेक्टर कार्यालयों में हेल्पलाइन सेवा शुरू की जाएगी। इसके अलावा प्रमाणपत्रों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए मंत्रालय स्थित कार्यालय में 9326562815 हेल्पलाइन नंबर शुरू किया गया है, जिस पर नागरिक कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं। यह जानकारी जल संसाधन मंत्री तथा मराठा आरक्षण उपसमिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे-पाटील ने दी। बुधवार को मंत्रालय में आयोजित मराठा आरक्षण उपसमिति की बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, उद्योग मंत्री उदय सामंत, सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई, सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील, फलोत्पादन मंत्री भरत गोगावले, राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव-पाटील, विधायक प्रसाद लाड तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में विखे-पाटील ने कहा कि मराठा आरक्षण के संबंध में सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ काम करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि न्यायमूर्ति शिंदे समिति द्वारा खोजे गए अभिलेखों, समिति के गठन के बाद वितरित किए गए 13 लाख प्रमाणपत्रों तथा उससे पहले जारी कुणबी प्रमाणपत्रों की जानकारी जिला और तहसील स्तर पर तत्काल संकलित की जाए। अगले तीन महीनों में घर-घर संपर्क अभियान और विशेष शिविर आयोजित कर पात्र लोगों को प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों को दी जाएगी तथा इसकी साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। मंत्री विखे-पाटील ने कहा कि जाति सत्यापन प्रमाणपत्रों के वितरण की समीक्षा प्रत्येक 15 दिन में विभागीय आयुक्त करेंगे। उन्होंने मराठा आरक्षण कक्ष की स्थापना, आंदोलन के दौरान मृत हुए आंदोलनकारियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता देने और जिला कलेक्टर कार्यालयों में प्रमाणपत्र संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए अगले आठ दिनों में हेल्पलाइन शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम स्तर पर गठित समितियों के कार्यों की भी नियमित समीक्षा करने को कहा गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि न्यायमूर्ति शिंदे समिति को 30 जून 2027 तक अवधि विस्तार दिया जाएगा। इसके अलावा सारथी संस्था द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संस्था को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडल के माध्यम से ब्याज प्रतिपूर्ति योजना के लिए निधि उपलब्ध कराने, महामंडल की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने तथा आगामी पांच वर्षों की वित्तीय और विकासात्मक रूपरेखा तैयार करने के विषय पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।



