Home Business एनएसई और सीक्वेल लॉजिस्टिक्स की साझेदारी से मजबूत होगा इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स इकोसिस्टम

एनएसई और सीक्वेल लॉजिस्टिक्स की साझेदारी से मजबूत होगा इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स इकोसिस्टम

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एनएसई और सीक्वेल लॉजिस्टिक्स की साझेदारी से मजबूत होगा इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स इकोसिस्टम

मुंबई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (NSE) ने इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGRs) के निर्माण और वॉल्टिंग सेवाओं के लिए सीक्वल लॉजिस्टिक्स के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी की औपचारिक शुरुआत विशेष घंटी बजाकर की गई, जो एनएसई पर ईजीआर ट्रेडिंग की शुरुआत और भारत में मजबूत ईजीआर इकोसिस्टम विकसित करने की संयुक्त प्रतिबद्धता का प्रतीक बनी। सीक्वेल लॉजिस्टिक्स वर्तमान में देशभर में 23 वॉल्ट्स का नेटवर्क संचालित कर रहा है, जहां निवेशकों और बाजार सहभागियों को इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स के निर्माण और समाप्ति (क्रिएशन एवं रिडेम्प्शन) की सुविधा उपलब्ध होगी। यह वॉल्टिंग नेटवर्क ईजीआर मूल्य श्रृंखला का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि एक्सचेंज पर जारी प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट के पीछे मौजूद भौतिक सोने की सुरक्षित भंडारण व्यवस्था इसी के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर एनएसई के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स सेगमेंट में सीक्वेल लॉजिस्टिक्स के साथ साझेदारी कर एनएसई को खुशी है। उन्होंने कहा कि एक सुरक्षित, विश्वसनीय और व्यापक वॉल्टिंग नेटवर्क ईजीआर इकोसिस्टम की मजबूती के लिए बेहद आवश्यक है तथा सीक्वेल का देशव्यापी नेटवर्क बड़े स्तर पर ईजीआर निर्माण और समाप्ति प्रक्रिया को समर्थन देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि ईजीआर भारत में सोने के वित्तीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो निवेशकों को भौतिक सोने से समर्थित पारदर्शी, मानकीकृत और एक्सचेंज-ट्रेडेड निवेश विकल्प प्रदान करता है। वहीं सीक्वेल लॉजिस्टिक्स के प्रबंध निदेशक एवं संस्थापक राजकुमार एस ने कहा कि एनएसई के साथ यह साझेदारी भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि सीक्वेल ने वर्षों से सुरक्षा, पारदर्शिता और परिचालन दक्षता को ध्यान में रखते हुए अपनी वॉल्टिंग अवसंरचना विकसित की है और अब 23 वॉल्ट्स के नेटवर्क के माध्यम से ईजीआर निर्माण एवं समाप्ति प्रक्रिया को समर्थन देने के लिए तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि ईजीआर भारत में सोने के वित्तीयकरण को नई दिशा देंगे और निवेशकों का भरोसा मजबूत करेंगे।

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