नई दिल्ली। महाराष्ट्र के किसानों, गन्ना उत्पादकों और प्याज किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जानकारी दी कि केंद्रीय सहकार मंत्री अमित शाह के साथ हुई सकारात्मक चर्चा के बाद केंद्र सरकार जल्द ही कई महत्वपूर्ण मांगों पर अनुकूल निर्णय ले सकती है। इनमें चीनी की न्यूनतम समर्थन कीमत (एमएसपी) बढ़ाना, एथेनॉल कोटा बढ़ाना, कर्ज पुनर्गठन, ब्याज सब्सिडी, किसानों से सीधे प्याज खरीद और प्याज बीज निर्यात पर अधिभार जैसे मुद्दे शामिल हैं। नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में महाराष्ट्र की चीनी मिलों, गन्ना उत्पादकों और प्याज किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी सहित महाराष्ट्र सरकार के कई मंत्री और सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने चीनी के न्यूनतम आधारभूत मूल्य में वृद्धि की आवश्यकता को स्वीकार किया है। साथ ही, एथेनॉल उत्पादन का कोटा बढ़ाने के लिए अगले दो महीनों में निर्णय लेने पर भी सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि चीनी मिलों के कर्ज पुनर्गठन और ब्याज अनुदान (इंटरेस्ट सबवेंशन) के लंबित भुगतान को लेकर भी केंद्र ने सकारात्मक आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि “क्वेल प्राइजिंग” से संबंधित प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा तैयार कर केंद्र को जल्द भेजा जाएगा, जिससे चीनी उद्योग की कई समस्याओं का समाधान हो सकेगा। प्याज किसानों को भी राहत की उम्मीद मुख्यमंत्री ने बताया कि नाफेड और एनसीसीएफ़ द्वारा प्याज की खरीद सीधे व्यापारियों से नहीं बल्कि किसानों से किए जाने की मांग को भी स्वीकार किया गया है। वर्तमान में 2 लाख टन प्याज खरीद की सीमा को बढ़ाकर 10 लाख टन करने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि प्याज बीजों का बड़े पैमाने पर निर्यात होने से घरेलू बाजार प्रभावित हो रहा है। इसलिए प्याज बीजों के निर्यात पर भारी एक्सपोर्ट सरचार्ज लगाने की मांग भी केंद्र ने स्वीकार की है। फडणवीस ने बताया कि हाल ही में प्याज खरीद का सरकारी भाव बढ़ाकर 15 रुपये 80 पैसे प्रति किलो किया गया है और इसे आगे बढ़ाने पर भी चर्चा जारी है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि प्याज के निर्यात पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। ग्रेडिंग प्रक्रिया होगी पारदर्शी मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की शिकायत रहती है कि नाफेड और एनसीसीएफ़ में ग्रेडिंग के नाम पर उनकी उपज को निम्न गुणवत्ता बताकर खरीदने से मना कर दिया जाता है। अब मशीनों के माध्यम से ग्रेडिंग की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे किसानों को पारदर्शी और न्यायपूर्ण प्रक्रिया का लाभ मिलेगा। हापुस आम उत्पादकों के मुद्दे भी उठाए गए बैठक में हापुस आम उत्पादकों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीमा कंपनियों द्वारा लगाए गए जटिल नियमों में बदलाव की मांग केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष रखी गई है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने बीमा कंपनियों की बैठक बुलाकर समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।