
मुंबई। राज्य के ‘लाइव इवेंट’ क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ के माध्यम से सभी आवश्यक अनुमतियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करेगी। इसके लिए सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। लाइव इवेंट्स से संबंधित सभी अनुमतियों के लिए तैयार की जा रही व्यापक मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) के संबंध में विभिन्न विभागों से सुझाव और सहयोग मांगा गया है। शुक्रवार को यह जानकारी सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय के प्रधान सचिव एवं महासंचालक ब्रिजेश सिंह ने दी। वे 24 अप्रैल 2026 के शासन निर्णय के तहत गठित राज्यस्तरीय समिति की पहली बैठक को संबोधित कर रहे थे। मंत्रालय के परिषद सभागार में आयोजित बैठक में भुवनेश्वरी बी., प्रवीण साळुंखे, समृद्धी अनगोळकर तथा अकबर पठाण सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय के संचालक (प्रशासन) किशोर गांगुर्डे ने प्रस्तावित एसओपी की रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रधान सचिव ब्रिजेश सिंह ने कहा कि वर्तमान में किसी बड़े कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों को पुलिस, अग्निशमन विभाग, बिजली विभाग, महानगरपालिका और राजस्व विभाग सहित कई एजेंसियों से अलग-अलग अनुमतियां लेनी पड़ती हैं, जिससे प्रक्रिया लंबी और जटिल हो जाती है। नई व्यवस्था के तहत समय, प्रक्रियाओं और दस्तावेजों की संख्या कम कर पूरी प्रक्रिया में एकरूपता लाई जाएगी। इसके साथ ही ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ के लिए एक स्वतंत्र ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित किया जाएगा, जिससे अनुमति प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बनेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जारी मॉडल एसओपी के आधार पर महाराष्ट्र के लिए एक उद्योग-अनुकूल और प्रभावी एसओपी तैयार की जा रही है। चूंकि लाइव मनोरंजन अर्थव्यवस्था कई विभागों से जुड़ी है, इसलिए सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा में समन्वित तरीके से कार्य करने पर जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से लाइव इवेंट्स, कॉन्सर्ट्स और अन्य बड़े आयोजनों की अनुमति प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी। इससे राज्य में पर्यटन, निवेश और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा। बैठक के दौरान पुलिस विभाग, बृहन्मुंबई महानगरपालिका, अग्निशमन सेवा, बेस्ट उपक्रम, ग्राम विकास विभाग, राज्य पुरातत्व विभाग और आईटी विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों ने प्रस्तावित कार्यप्रणाली पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।




