Friday, May 22, 2026
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रिक्शा-टैक्सी चालकों को 15 अगस्त तक मराठी सीखना अनिवार्य, नहीं तो होगी कानूनी कार्रवाई: परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक

मुंबई। राज्य के यात्रियों के साथ रिक्शा-टैक्सी चालकों को मराठी में संवाद करने में सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार ने उन्हें मराठी भाषा सिखाने का निर्णय लिया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया कि अमराठी रिक्शा-टैक्सी चालकों के लिए 15 अगस्त तक व्यावहारिक मराठी भाषा सीखना अनिवार्य होगा। इसके लिए चालक ऑनलाइन या प्रत्यक्ष प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण ले सकेंगे। 16 अगस्त के बाद किसी प्रकार की समयवृद्धि नहीं दी जाएगी और नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में मंत्री सरनाईक ने कहा कि मराठी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए परिवहन विभाग, कोकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के माध्यम से राज्यभर में मराठी भाषा अध्ययन केंद्र शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा रिक्शा यूनियनों और शिवसेना शाखाओं में उपलब्ध स्थानों पर भी 15 अगस्त तक प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जाएंगे। उन्होंने सभी रिक्शा-टैक्सी चालकों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन केंद्रों में जाकर मराठी भाषा सीखें। इस प्रशिक्षण अभियान में लगभग चार हजार शिक्षक शामिल होंगे। प्रत्येक महीने के चार शनिवार और रविवार को चालकों की सुविधा अनुसार कम से कम चार घंटे का पाठ्यक्रम पूरा करना होगा। कुछ शिक्षक बिना मानधन के प्रशिक्षण देंगे, जबकि कुछ को प्रति घंटे एक हजार रुपये मानधन दिया जाएगा। मराठी भाषा प्रशिक्षण के लिए आवश्यक मानधन उपलब्ध कराने हेतु मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत ने दो करोड़ रुपये के प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शेष खर्च परिवहन विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले चालकों को परिवहन विभाग की ओर से प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण केंद्रों पर मराठी भाषा की व्यवहारिक क्षमता जांचने हेतु मौखिक परीक्षा भी आयोजित की जाएगी। बैठक में परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर, सहआयुक्त रवी गायकवाड, संदेश चव्हाण, मराठी भाषा विभाग के सहसचिव डॉ. ना.कों. भोसले, राज्य मराठी विकास संस्था के संचालक डॉ. श्यामकांत देवरे सहित विभिन्न अधिकारी एवं साहित्य क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सरकार द्वारा प्रशिक्षण के लिए चित्रों सहित सरल भाषा में पाठ्यक्रम पुस्तिकाएं तैयार की जाएंगी। प्रत्येक केंद्र के अंतर्गत उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही रिक्शा-टैक्सी, ओला, उबर और रैपिडो वाहनों पर मराठी भाषा जागरूकता संबंधी स्टिकर्स लगाए जाएंगे तथा मराठी भाषा प्रचार के लिए विशेष बैनर भी तैयार किए जाएंगे।

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