मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के संरक्षण, संवर्धन और आधुनिक विकास को प्राथमिकता देते हुए छह प्रमुख तीर्थक्षेत्र विकास योजनाओं के लिए कुल 993.72 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित शिखर समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, वन मंत्री गणेश नाइक, ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोर, जन निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि तीर्थक्षेत्र विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं, स्वच्छता तथा स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में पुणे जिले के भीमाशंकर मंदिर ज्योतिर्लिंग क्षेत्र के समग्र विकास हेतु 172.22 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत आधुनिक बस स्टेशन, पार्किंग, सड़क चौड़ीकरण, पैदल मार्ग, कवर्ड कॉरिडोर, एम्फीथिएटर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पुलिस स्टेशन और विश्रामगृह विकसित किए जाएंगे। भविष्य की योजनाओं में रोपवे, पर्यटन रिसॉर्ट और नई पर्यटन सुविधाओं का निर्माण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने और परियोजना को मई 2027 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। संत संत तुकाराम महाराज के देहू स्थित जन्मस्थान, वैकुंठगमन मंदिर परिसर और भंडारा डोंगर क्षेत्र के संरक्षण एवं विकास के लिए 41.71 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई। इसके अंतर्गत सड़क सौंदर्यीकरण, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग, श्रद्धालुओं के लिए आवास, सूचना केंद्र और हरित क्षेत्र संरक्षण के कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा सुझाए गए कार्यों को भी योजना में शामिल करने के निर्देश दिए। सातारा जिले के ऐतिहासिक अजिंक्यतारा किला किले के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 134.80 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई। इसमें दर्शक दीर्घा, पैदल मार्ग, लैंडस्केपिंग, राज सदर का पुनरुद्धार, बुर्ज संरक्षण, झूलता पुल, स्वच्छता व्यवस्था और विश्रामगृह जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी कार्य विशेषज्ञों की निगरानी में समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सातारा जिले के Sangam Mahuli समाधि स्थल संरक्षण परियोजना के लिए 133 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत महारानी ताराबाई, महारानी येसूबाई और छत्रपति शाहू महाराज की समाधियों का जीर्णोद्धार, लैंडस्केप विकास, ऐतिहासिक संगमेश्वर मंदिर और घाट का संरक्षण, झूलता पुल, व्यूइंग गैलरी तथा पाथवे विकसित किए जाएंगे, ताकि क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। छत्रपति संभाजीनगर जिले के वेरुळ स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर मंदिर के विकास हेतु संशोधित 210.45 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत आधुनिक भक्त निवास, प्रतीक्षागृह, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फंक्शन हॉल, घाट और 1.6 किलोमीटर लंबे बायपास मार्ग का निर्माण किया जाएगा। वहीं, परली वैजनाथ मंदिर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर के विकास के लिए 301.54 करोड़ रुपये की विस्तृत योजना तैयार की गई है। इस परियोजना के पहले चरण में भव्य प्रवेश द्वार, डिजिटल कतार व्यवस्था, अन्नछत्र, योग एवं ध्यान केंद्र और मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। दूसरे चरण में तीर्थस्थलों का वैज्ञानिक पुनरुद्धार, घाट, साइकिल ट्रैक, दिव्यांगजन सुविधाएं और सीसीटीवी सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी। तीसरे चरण में विशाल शिव प्रतिमा, शिवपुराण एवं वैदिक संग्रहालय, एम्फीथिएटर, लेजर लाइट एंड साउंड शो तथा ध्यान स्थल का निर्माण प्रस्तावित है। बैठक में विभिन्न जिलाधिकारियों ने योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया और मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयसीमा के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।