मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल पर राज्य में नवगठित ‘परकीय थेट गुंतवणूक, प्रवासी भारतीय व्यवहार और आंतरराष्ट्रीय संपर्क’ विभाग के माध्यम से मुंबई के जिओ मॉल बीकेसी में आयोजित ‘जेम्स एंड ज्वेलरी प्रदर्शनी’ में महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत और निवेश क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शनी में करीब 200 विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए। केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के माध्यम से 11 से 14 मई 2026 तक मुंबई स्थित जिओ वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘किंबरली प्रोसेस इंटरसेशनल मीटिंग’ के दौरान महाराष्ट्र का विशेष प्रदर्शनी मंडप तैयार किया गया है। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य महाराष्ट्र की सांस्कृतिक, कृषि, हस्तकला और पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय निर्यात और निवेश से जोड़ना है। विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए नया विभाग मुख्यमंत्री फडणवीस की पहल पर सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत ‘परकीय थेट गुंतवणूक, प्रवासी भारतीय व्यवहार और आंतरराष्ट्रीय संपर्क विभाग’ की स्थापना की गई है। इस विभाग के सचिव डॉ. राजेश गवांदे हैं। देश स्तर पर इस प्रकार का स्वतंत्र विभाग स्थापित करने की यह पहली पहल बताई जा रही है। विभाग का उद्देश्य महाराष्ट्र में अधिक से अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करना, प्रवासी भारतीयों से समन्वय बढ़ाना तथा राज्य की सांस्कृतिक और आर्थिक ताकत को वैश्विक स्तर पर पहुंचाना है। हापूस आम से लेकर हस्तकला तक का प्रदर्शन प्रदर्शनी में महाराष्ट्र के निर्यातक्षम और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इसमें कोकण का जीआई टैग प्राप्त हापूस आम, हाथकरघा उत्पाद, महिला बचत समूहों की वस्तुएं, आदिवासी विकास विभाग के ‘शबरी’ ब्रांड के उत्पाद और पारंपरिक हस्तकला शामिल हैं। विदेशी प्रतिनिधियों को महाराष्ट्र की संस्कृति से परिचित कराने के लिए पारंपरिक महाराष्ट्रीयन वेशभूषा में सरकारी प्रतिनिधियों की नियुक्ति भी की गई है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार से जोड़ने का प्रयास इस पहल में विपणन, ग्राम विकास, आदिवासी विकास, वस्त्रोद्योग विभाग और हाथकरघा क्षेत्र की संस्थाओं की भागीदारी है। इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक कौशल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराना है। जीजेईपीसी की ओर से विदेशी प्रतिनिधियों को आधिकारिक उपहार के रूप में महाराष्ट्र के हापूस आम भी भेंट किए गए, जिससे राज्य की कृषि और निर्यात क्षमता की वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती मिलेगी। रत्न और आभूषण निर्यात में महाराष्ट्र अग्रणी महाराष्ट्र देश के रत्न और आभूषण उद्योग में अग्रणी राज्य बन चुका है। देश के कुल रत्न एवं आभूषण निर्यात का लगभग 47 प्रतिशत हिस्सा महाराष्ट्र से होता है। अत्याधुनिक कटिंग, पॉलिशिंग और डिजाइन क्षमता के कारण राज्य ने वैश्विक बाजार में अलग पहचान बनाई है। इस क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति दी गई है और विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों के चलते उद्योगों को व्यापक अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। विभाग के सचिव डॉ. राजेश गवांदे ने कहा कि इस पहल के माध्यम से स्थानीय कौशल, पारंपरिक विरासत और आधुनिक उद्योगों का समन्वय कर महाराष्ट्र को वैश्विक निवेश, निर्यात और सांस्कृतिक सहयोग के नए दौर की ओर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।