Thursday, May 7, 2026
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मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना को मिली नई गति, नॉर्वे की कंपनी के साथ हुआ समझौता

मुंबई। महाराष्ट्र में जल परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र सागरी मंडल ने नॉर्वे की समुद्री तकनीक कंपनी ‘हायके एएस’ के साथ महत्वपूर्ण सामंजस्य करार (एमओयू) किया है। यह करार मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना के लिए आधुनिक तकनीक से लैस जलयान उपलब्ध कराने, बंदर विकास, जहाज निर्माण तथा समुद्री कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में वर्षा निवासस्थान पर यह समझौता संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्वीडन के कॉन्सुल जनरल स्वेन ऑस्टरबर्ग, हायके एएस के अध्यक्ष चार्ल्स पेम्ब्रोक बिर्स, रुरल एन्हान्सर्स ग्रुप के एमडी और सीईओ अंबर आयाडे, ‘स्कॅन्डियन नो’ के एमडी एवं सीईओ प्रशांत अग्रवाल, स्वीडन-इंडिया बिजनेस काउंसिल की चीफ इंडिया रिप्रेजेंटेटिव सेसिलिया ओल्डने, यूएई स्थित इक्विलाइन फाइनान्स के डायरेक्टर अंशुल दवानी सहित कई अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे।इस समझौते पर महाराष्ट्र सागरी मंडल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप पी. और हायके एएस के अध्यक्ष चार्ल्स पेम्ब्रोक बिर्स ने हस्ताक्षर किए।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार पिछले दस वर्षों से शाश्वत जल परिवहन की अवधारणा पर लगातार कार्य कर रही है। मुंबई में जल परिवहन के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना का खाका तैयार हो चुका है और अब आधुनिक तथा पर्यावरण-अनुकूल नौकाओं की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे महानगर में जलमार्गों का प्रभावी उपयोग होने से सड़कों और रेल नेटवर्क पर यातायात का दबाव कम होगा। आने वाले समय में देशभर में शाश्वत जल परिवहन की मांग तेजी से बढ़ेगी और मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना अन्य शहरों के लिए भी मार्गदर्शक बनेगी।मुख्यमंत्री ने इस परियोजना में सहयोग के लिए नॉर्वे की कंपनी हायके एएस, मत्स्य व्यवसाय एवं बंदर मंत्री नितेश राणे तथा संबंधित अधिकारियों और भागीदार संस्थाओं की सराहना की।मत्स्य व्यवसाय एवं बंदर मंत्री नितेश राणे ने कहा कि मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना राज्य के समुद्री विकास के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनी के साथ यह करार महाराष्ट्र में बंदर विकास, जहाज निर्माण और समुद्री कौशल विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में जल परिवहन को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और यात्री-अनुकूल बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में वॉटर मेट्रो परियोजना के लिए कोची मेट्रो रेल लिमिटेड के माध्यम से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई है। इसके तहत वर्तमान में संचालित 21 जलमार्गों पर स्थित 24 टर्मिनलों का आधुनिकीकरण तथा 10 नए जलमार्गों पर 21 नए टर्मिनलों का निर्माण प्रस्तावित है।हायके एएस नॉर्वे की एक अग्रणी समुद्री तकनीक कंपनी है, जो शहरी जल परिवहन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित जलयान डिजाइन और निर्माण के क्षेत्र में कार्यरत है। कंपनी ने मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना के लिए आधुनिक जलयान उपलब्ध कराने के साथ-साथ महाराष्ट्र में जहाज निर्माण सुविधा स्थापित करने में भी रुचि दिखाई है।राज्य सरकार के अनुसार जल परिवहन पर्यावरण के अनुकूल, सुविधाजनक और आरामदायक विकल्प है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही हैं।

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