
आज दुनिया में एपस्टीन फाइल की चर्चा है, जहाँ तमाम छोटी-छोटी लड़कियों को इंजेक्शन लगाकर उनके साथ बलात्कार किए गए। उनका रक्त हमेशा जवान रहने के लिए पीया गया। इतने से मन नहीं भरा, तो उन्हें मारकर खाया गया, जिसमें विश्व भर के बड़े अय्याश नेताओं और पूंजीपतियों के नाम शामिल हैं। समूची एपस्टीन फाइल ही सार्वजनिक होनी चाहिए, ताकि नेता और धनपशु के वेष में सार्वजनिक रूप से घूम रहे दरिंदों के चेहरे से कृत्रिम नकाब उतर कर असली चेहरा सामने आए। भारत में हर दिन सैकड़ों मासूम बच्चे-बच्चियां और महिलाएं गायब हो रही हैं। शासन-प्रशासन के कानों पर जूं नहीं रेंग रही; जिम्मेदार लोग अंधे, बहरे और गूंगे बन गए हैं। आखिर इतने लोग गायब कैसे होते हैं? क्या कोई ऐसा गैंग है जिसका काम ही है कैसे भी हो गायब करना? कहीं अंग प्रत्यारोपण के लिए तो गायब नहीं किया जा रहा? दिल्ली में एक डॉक्टर के बंगले में भी यही होने के समाचार आते रहे थे। बताया गया कि बंगले के पास बह रहे नाले में तमाम मानव कंकाल मिले थे, जिस घटना ने देश को हिला दिया था; लेकिन कोर्ट ने सबूत नहीं होने के कारण नौकर को बेदाग बरी कर दिया था, फिर भी सवाल बाकी रह गए। उस नाले में बरामद कंकाल किसके थे? जांच करने वाली एजेंसी और फॉरेंसिक लैब ने सच पर से पर्दा क्यों नहीं उठाया? नाशिक में अशोक खरात नामक कथित तांत्रिक, जिसे नेवी का पूर्व अधिकारी बताया गया और जिसके संबंध सत्ता के बड़े-बड़े नेताओं के साथ रहे—सोशल मीडिया में खरात के साथ बड़े-बड़े नेताओं और मंत्रियों की फोटो संबंधों का खुलासा करती रही। संभ्रांत घरों की शिक्षित महिलाएं, यहाँ तक कि महिला आयोग की चेयरमैन की फोटो भी उस ढोंगी तांत्रिक के साथ वायरल हुई। यह भी बताया जाता रहा कि अमावस्या की रात बड़े-बड़े राजनेता उक्त तांत्रिक के बंगले में आते रहे हैं—यह समझने की बात है, कहने की नहीं। उक्त ढोंगी धूर्त बाबा ने सारी महिलाओं की आपत्तिजनक वीडियो भी चुपके से बनाकर ब्लैकमेल किया, इसी कारण उसने कई सौ करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी बना ली। उसके पास से तमाम वीडियो पुलिस ने जब्त किए, लेकिन उसके संबंध में कौन सी कार्रवाई की जा रही है, यह कहीं चर्चा में नहीं है।
अभी नाशिक का सेक्स स्कैंडल का खुलासा भी नहीं हुआ कि अब महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने 19 वर्षीय मुख्य आरोपी मोहम्मद अयान (उर्फ तनवीर) को 180 से अधिक नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और 350 से अधिक अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के चार मुस्लिमों द्वारा सोशल मीडिया में वायरल किए जाने की बात अत्यंत गंभीर है। सोचिए, यदि गेरुआधारी बाबा के स्कूल में छात्राओं के साथ खुद बाबा बलात्कार करता हो, तो शिक्षा का क्या होगा? गेरूए या भगवा रंग का क्या होगा? यहाँ तक कि बहुचर्चित एक बाबा के आश्रम से कई महिलाओं को वैन में बैठाकर बेचने जा रहे लोगों को पकड़ा गया। देश में स्कूल और आश्रम कहीं भी महिलाएं और बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। एक तरफ सरकार नारी सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं आज महिलाएं ही सुरक्षित नहीं हैं, जबकि बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं। इतिहास के छात्र जानते होंगे कि सम्राट हर्षवर्धन के शासन में आया चीनी यात्री लिखता है कि कश्मीर से अकेली महिला टोकरी में स्वर्ण आभूषण लेकर कन्याकुमारी तक चली जाए, तो कोई उसकी तरफ आंख उठाकर नहीं देखेगा। उसी भारत में आज नित्य ही हजारों महिलाएं और लड़कियां गायब हो रही हैं। पुलिस सत्ता की सेवा के साथ भ्रष्टाचार में डूबी रहती है और अपराधियों को सलाम ठोकती है, जबकि गरीबों को बेगुनाह होने के बावजूद जेल भिजवाती है। कौन कहेगा कि भारत में कानून का राज्य स्थापित हुआ है? सत्ता को चाटुकार पसंद हैं और सच बोलने वालों को जेल भेजा जाता है। जब सत्ता के दर्प में खुद विधायक ही बलात्कार करते हों और न्यायालय आरोपियों को निर्दोष मानकर रिहा करती हो, तो निश्चित ही इसके पीछे जांच एजेंसियों का भ्रष्टाचार ही कारण है, जो ठोस सबूत देने में असफल रहती हैं। इसके दो ही कारण हो सकते हैं: बलात्कारी के सत्ता के साथ रिश्ते हों या फिर जांच करने वाली पुलिस की जेब गर्म की गई हो। अब तो भारत में बलात्कार जैसे एक फैशन बन गया है, जिसमें राजनेता और पुलिस अधिकारी सहित तमाम युवक शामिल हैं। अभी तक जितने मामले सामने आए हैं, उनमें बहुसंख्य हिंदू लड़कियों का ही बलात्कार होता है। लव जिहाद की बात हो या कोई अन्य प्रेम प्रकरण, सबमें हिंदू लड़कियां ही टारगेट क्यों होती हैं? निश्चित ही आधुनिक शिक्षा और संस्कारहीनता ही इसके मूल में है। जिस देश में शक्ति की प्रतीक दुर्गा और काली की उपासना की जाती हो, उसी देश में आज बलात्कार, अपहरण और गायब होने की घटनाएं लगातार क्यों बढ़ने लगी हैं? शासन-प्रशासन को इस पर गंभीरता के साथ चिंतन करना होगा।




