
देवेश प्रताप सिंह राठौर/झांसी, उत्तर प्रदेश। झांसी में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्टेट रिव्यू मिशन की महत्वपूर्ण बैठक कमिश्नरी सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने की, जबकि सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम डाॅ. पिंकी जोवल और मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में झांसी एवं चित्रकूटधाम मंडल की स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए नए मंडलीय चिकित्सालय के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तावित अस्पताल में 100 बेड का कैंसर विंग स्थापित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। मंडलायुक्त ने अस्पताल निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर एमबीबीएस चिकित्सकों की तैनाती तत्काल सुनिश्चित करने और वेटिंग लिस्ट तैयार रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। उन्होंने झांसी मंडल में स्वास्थ्य सेवाओं के मासिक मूल्यांकन की अभिनव पहल की सराहना करते हुए इसे पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने की बात कही। साथ ही बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग और उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। सचिव डॉ. पिंकी जोवल ने स्पष्ट किया कि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के समय पर संचालन, निजी नर्सिंग होम के नियमानुसार नवीनीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार न होने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान को प्राथमिकता देने, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य आरोग्य मेलों के प्रभावी आयोजन और स्वास्थ्य कर्मियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इस दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, मंडल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सीएमएस और स्टेट टीम के सदस्य उपस्थित रहे।




