
मुंबई। टाटा मुंबई मैराथन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सामूहिक दान और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त मंच बन चुकी है। यह बात महाराष्ट्र के राजशिष्टाचार एवं पर्यटन (पणन) मंत्री जयकुमार रावल ने कही। बुधवार को दक्षिण मुंबई स्थित होटल ट्रायडेंट में आयोजित ग्रैटिट्यूड कार्यक्रम में मंत्री रावल के हाथों मैराथन में योगदान देने वाले विभिन्न मान्यवरों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “यह दौड़ केवल दूरी तय करने के लिए नहीं, बल्कि बदलाव लाने के लिए है।”मंत्री रावल ने बताया कि करीब दो दशक पहले प्रोकैम इंटरनेशनल द्वारा शुरू की गई यह पहल आज विश्व की प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिताओं में शामिल हो चुकी है। साथ ही, यह एक प्रभावी परोपकारी मंच के रूप में भी स्थापित हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि इस मैराथन के माध्यम से अब तक 7500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जुटाई जा चुकी है, जबकि केवल इस वर्ष ही लगभग 760 करोड़ रुपये का योगदान प्राप्त हुआ है।सामाजिक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन का उदाहरण दिया, जो वंचित बच्चों को शिक्षा, जीवन कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रही है। इसी तरह अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से देशभर में लाखों विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनकी शिक्षा में निरंतरता बनी रहती है।मंत्री रावल ने कहा कि इस मैराथन के कारण महाराष्ट्र को वैश्विक पहचान मिली है और 60 से अधिक देशों के प्रतिभागियों की भागीदारी से राज्य की बड़े स्तर पर आयोजन करने की क्षमता भी सिद्ध हुई है। उन्होंने इसे विश्वास, परिवर्तन और भारत की सामूहिक शक्ति का प्रतीक बताते हुए नागरिकों से “बदलाव के लिए दौड़ने” का आह्वान किया।




