
मुंबई। महाराष्ट्र में निर्माण कामगारों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार एक विशेष समिति गठित करेगी। यह समिति कामगार मंत्री की अध्यक्षता में कार्य करेगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को विधानसभा में विधायक संजय मेश्राम द्वारा पेश लक्षवेधी सूचना का उत्तर देते हुए दी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार निर्माण क्षेत्र के मजदूरों के कल्याण को लेकर प्रतिबद्ध है और इस दिशा में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में कामगार मंत्री आकाश फुंडकर ने विधानसभा को जानकारी दी कि “इमारत व अन्य निर्माण कामगार (रोजगार नियमन और सेवा शर्तें) अधिनियम, 1996” के तहत महाराष्ट्र इमारत व इतर बांधकाम कामगार कल्याणकारी मंडळ की स्थापना की गई है। मंत्री फुंडकर ने बताया कि जुलाई 2020 से सभी सेवाएं – पंजीकरण, नवीनीकरण और लाभ वितरण – ऑनलाइन माध्यम से डीबीटी पद्धति द्वारा संचालित की जा रही हैं। मजदूरों को प्रदान किए जा रहे लाभों में सुरक्षा किट, घरेलू उपयोग की वस्तुएं आदि शामिल हैं, जो बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद सीधे उनके खातों में वितरित किए जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस व्यवस्था में मानवी हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी हुई है। उमरेड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उमरेड, भिवापूर और कुही तालुकों में जनवरी 2025 से जून 2025 के बीच 4,000 मजदूरों को सुरक्षा किट और 9,000 मजदूरों को घरेलू किट प्रदान की गई हैं। मंत्री फुंडकर ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर निजी दलालों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मजदूरों के नाम पर फर्जी पंजीकरण किए हैं। ऐसे मामलों में सतर्कता विभाग की ओर से नागपुर, अमरावती, छत्रपती संभाजीनगर, नाशिक, पुणे और कोकण विभागों में कार्रवाई की गई है, और आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन घटनाओं की रोकथाम के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर और भी कठोर उपाय किए जाएंगे। फर्जी पंजीकरण की शिकायतों की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी है।इस विषय पर लक्षवेधी सूचना के दौरान विधायक विजय वडेट्टीवार, प्रवीण दटके और जयंत पाटील ने भी अपनी राय रखी और मजदूर कल्याण योजनाओं में पारदर्शिता लाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने अंत में कहा कि मजदूरों के हितों की रक्षा और योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन के लिए समिति की सिफारिशों के आधार पर सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।




